वॉशिंगटन: अमेरिकी पॉप स्टार और अभिनेत्री सेलेना गोमेज तथा उनकी मां मैंडी टीफी एक कारोबारी विवाद के चलते कानूनी मुश्किल में घिर गई हैं। मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र की कंपनी Wondermind Global में निवेश करने वाली दो कंपनियों ने गोमेज, टीफी, कंपनी और उसकी पूर्व बिजनेस पार्टनर डेनिएला पियर्सन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। निवेशकों का आरोप है कि उन्हें कंपनी के बुनियादी ढांचे, नेतृत्व, संसाधनों और संभावित कारोबारी सफलता को लेकर भ्रामक जानकारी दी गई, जिसके आधार पर उन्होंने ₹8.6 करोड़ से अधिक का निवेश किया।
मुकदमा Wondermind SRS 44 LLC और Bespoke Wondermind LLC की ओर से दायर किया गया है। दोनों कंपनियों का दावा है कि निवेश से पहले Wondermind Global को ऐसी स्थिति में पेश किया गया, जिससे उन्हें लगा कि कंपनी के पास एक लाभदायक मानसिक स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए पर्याप्त संसाधन और मजबूत नेतृत्व मौजूद है। निवेशकों के मुताबिक, कंपनी की वास्तविक स्थिति इससे अलग थी और उसकी परेशानियां निवेश किए जाने से पहले ही शुरू हो चुकी थीं।
गोमेज की भूमिका पर भी उठे सवाल
मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि सेलेना गोमेज ने टेलीविजन कार्यक्रमों और इंटरव्यू के जरिए Wondermind का प्रचार किया और खुद को कंपनी के कामकाज में सक्रिय रूप से शामिल दिखाया। निवेशकों का कहना है कि उनके प्रचार और कंपनी से जुड़े सार्वजनिक बयानों ने कारोबार में भरोसा पैदा किया, जिसके बाद उन्होंने बड़ी रकम निवेश की।
हालांकि, निवेशकों का आरोप है कि पैसा लगाने के बाद गोमेज की कंपनी में सक्रिय भागीदारी उस स्तर की नहीं रही, जैसा निवेश से पहले उनके सार्वजनिक प्रचार से प्रतीत होता था। कंपनियों ने इसी आधार पर उनके खिलाफ भी कानूनी दावे किए हैं।
पूर्व पार्टनर पर भी गलत जानकारी देने का आरोप
मुकदमे में Wondermind की पूर्व बिजनेस पार्टनर डेनिएला पियर्सन को भी आरोपी बनाया गया है। निवेशक कंपनियों का आरोप है कि पियर्सन ने अपने पिछले कारोबारी अनुभव और सफलताओं को लेकर ऐसे दावे किए, जिनसे निवेशकों को कंपनी की संभावित सफलता और मिलने वाले रिटर्न के बारे में सकारात्मक धारणा बनी।
निवेशकों का कहना है कि उन्हें कंपनी की बिगड़ती आर्थिक और संचालन संबंधी स्थिति के बारे में समय रहते कोई जानकारी नहीं दी गई। उनके मुताबिक, अगर उन्हें कंपनी की वास्तविक स्थिति का पता होता तो वे इतना बड़ा निवेश नहीं करते।
सितंबर 2025 की रिपोर्ट बनी अहम कड़ी
निवेशकों ने सितंबर 2025 में The Cut में प्रकाशित एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया है। उनका दावा है कि इसी रिपोर्ट के जरिए उन्हें पहली बार Wondermind की आंतरिक स्थिति के बारे में गंभीर जानकारी मिली। रिपोर्ट में कंपनी के भीतर कथित अव्यवस्था, प्रबंधन से जुड़े विवाद और वित्तीय मुश्किलों का जिक्र किया गया था।
मुकदमे में दावा है कि कंपनी को कर्मचारियों और विक्रेताओं को समय पर भुगतान करने में भी परेशानी हो रही थी। निवेशकों का आरोप है कि कंपनी के संस्थापकों, अधिकारियों और निदेशकों ने लंबे समय तक ऐसी समस्याओं की जानकारी उन लोगों को नहीं दी, जिनका पैसा कंपनी के संचालन में लगाया जा चुका था।
मां मैंडी टीफी ने आरोपों से किया इनकार
The Cut की रिपोर्ट में मैंडी टीफी से जुड़े व्यक्तिगत आरोप भी सामने आए थे। टीफी ने उन आरोपों को खारिज किया और Wondermind के कथित तौर पर अव्यवस्थित होने के दावे से भी इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि कुछ असंतुष्ट पूर्व कर्मचारियों ने उनके बारे में गलत बातें फैलाईं और मीडिया ने उन दावों को आगे बढ़ाया।
निवेशकों का आरोप है कि जब उन्होंने टीफी से रिपोर्ट में सामने आए दावों के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने जिम्मेदारी डेनिएला पियर्सन पर डाल दी। उस समय तक पियर्सन कंपनी से अलग हो चुकी थीं। निवेशकों ने इसे कंपनी की वास्तविक स्थिति के बारे में जवाबदेही से बचने की कोशिश के रूप में पेश किया है।
Securities fraud का आरोप, हर्जाने की मांग
दोनों कंपनियों ने मामले में securities fraud यानी प्रतिभूति धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। वे अपने निवेश की रकम वापस करने के साथ अतिरिक्त हर्जाने की भी मांग कर रही हैं। हालांकि, मुकदमे में कुल कितनी क्षतिपूर्ति मांगी गई है, इसकी स्पष्ट राशि फिलहाल सामने नहीं आई है।
मामला अभी अदालत में है और मुकदमे में लगाए गए आरोपों का अंतिम रूप से साबित होना बाकी है। सेलेना गोमेज, मैंडी टीफी और डेनिएला पियर्सन के खिलाफ लगाए गए दावों पर अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर फैसला होगा। यह विवाद Wondermind Global के संचालन, उसके वित्तीय प्रबंधन और कंपनी के संस्थापकों की कथित जिम्मेदारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
