वॉशिंगटन/डलास: अमेरिका में H-1B वीजा कार्यक्रम के संभावित दुरुपयोग और फर्जीवाड़े की जांच अब दस्तावेजी पड़ताल से आगे बढ़कर जमीनी स्तर तक पहुंच गई है। अमेरिकी श्रम विभाग (Department of Labor) के इंस्पेक्टर जनरल कार्यालय ने टेक्सास के डलास क्षेत्र में उन व्यावसायिक परिसरों का निरीक्षण किया है, जिनका संबंध 500 से अधिक स्वीकृत H-1B वीजा याचिकाओं से बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई विदेशी श्रमिक कार्यक्रमों में संभावित अनियमितताओं की पहचान करने और अमेरिकी श्रम व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से की जा रही है।
अमेरिकी श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल एंथनी पी. डी’एस्पोसिटो ने इस सप्ताह डलास का दौरा किया। 13 अगस्त को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जांच दल ने एक बहुमंजिला इमारत में स्थित कई कार्यालयों का निरीक्षण किया, जिनका संबंध बड़ी संख्या में स्वीकृत H-1B याचिकाओं से था।
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जांच के दौरान कुछ कार्यालय बंद पाए गए। कई स्थानों पर दरवाजे बंद थे, लाइटें बंद थीं और वहां नियमित कारोबारी गतिविधियों के स्पष्ट संकेत नहीं मिले। हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि केवल कार्यालयों की स्थिति के आधार पर किसी कंपनी या सभी H-1B याचिकाओं को फर्जी नहीं माना जा रहा है। ये निरीक्षण व्यापक जांच प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य संभावित दुरुपयोग के मामलों की पहचान करना है।
दस्तावेजों से आगे बढ़कर जमीनी जांच
डलास में की गई यह कार्रवाई अमेरिकी श्रम विभाग के व्यापक एंटी-फ्रॉड अभियान का हिस्सा है। जांच एजेंसियां अब केवल कागजी रिकॉर्ड की समीक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना चाहती हैं कि जिन कंपनियों ने विदेशी कर्मचारियों के लिए आवेदन किए हैं, वे वास्तव में संचालित हो रही हैं और उनके द्वारा प्रस्तुत जानकारी वास्तविक स्थिति से मेल खाती है।
इंस्पेक्टर जनरल डी’एस्पोसिटो ने कहा कि विदेशी श्रमिक कार्यक्रमों में धोखाधड़ी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, जांच दल शिकायतों, गुप्त सूचनाओं और अन्य स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर कार्रवाई कर रहे हैं।
अधिकारियों ने अब तक उन कंपनियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस जांच से कितने H-1B कर्मचारियों या आवेदकों पर प्रभाव पड़ सकता है।
क्या है H-1B वीजा कार्यक्रम
H-1B वीजा कार्यक्रम अमेरिकी कंपनियों को विशेष तकनीकी और पेशेवर क्षेत्रों में विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। कंपनियों को संघीय नियमों के अनुसार वेतन, कार्य परिस्थितियों और रोजगार से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत करनी होती है।
जांच एजेंसियों का ध्यान उन मामलों पर केंद्रित है, जहां कंपनियों के संचालन, कर्मचारियों की वास्तविक नियुक्ति या प्रस्तुत दस्तावेजों में विसंगतियां होने की आशंका है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि यदि विदेशी श्रमिक कार्यक्रमों का दुरुपयोग होता है, तो इसका असर श्रम बाजार और वैध आवेदकों दोनों पर पड़ सकता है।
जुलाई में शुरू हुआ था व्यापक अभियान
डलास में हुई कार्रवाई उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसकी घोषणा अमेरिकी श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल कार्यालय ने जुलाई में की थी। यह अभियान विभिन्न सरकारी एजेंसियों के सहयोग से चलाया जा रहा है और इसका उद्देश्य विदेशी श्रमिक कार्यक्रमों में मौजूद कमजोरियों की पहचान करना, संभावित फर्जीवाड़े के मामलों पर कार्रवाई करना और अमेरिकी श्रमिकों के हितों की रक्षा करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया कदम यह संकेत देते हैं कि H-1B कार्यक्रम को लेकर संघीय एजेंसियों की निगरानी पहले की तुलना में अधिक सख्त हो रही है। विशेष रूप से उन मामलों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां कागजी रिकॉर्ड और वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों के बीच अंतर दिखाई देता है।
अमेरिकी श्रम विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें विदेशी श्रमिक कार्यक्रमों से संबंधित किसी अनियमितता या धोखाधड़ी की जानकारी हो, तो वे इसकी सूचना विभाग की हेल्पलाइन के माध्यम से दें। H-1B नियोक्ताओं और विदेशी कर्मचारियों के लिए यह जांच एक संकेत है कि भविष्य में वीजा प्रणाली की निगरानी और सत्यापन की प्रक्रिया और अधिक कठोर हो सकती है।
