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तेलंगाना साइबर अपराध से निपटने में देश में अव्वल, PMO की PRAGATI समीक्षा में हासिल किया पहला स्थान

Roopa
By Roopa
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हैदराबाद: साइबर अपराध के खिलाफ प्रभावी रणनीति, आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग और नागरिक-केंद्रित पहल के दम पर तेलंगाना ने देशभर में नई पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा 6 अगस्त को आयोजित PRAGATI समीक्षा बैठक में साइबर अपराध से निपटने के मामले में तेलंगाना को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया। समीक्षा के दौरान राज्य ने नौ प्रमुख प्रदर्शन मानकों पर सर्वोच्च अंक हासिल करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया।

यह समीक्षा भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल प्रणालियों के उपयोग, साइबर अपराध नियंत्रण की रणनीतियों तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तैयारियों के आधार पर की गई। इसमें साइबर अपराध की रोकथाम, शिकायत निवारण, धोखाधड़ी की राशि वापस दिलाने की व्यवस्था और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की क्षमता जैसे कई पहलुओं का मूल्यांकन किया गया।

तेलंगाना को जिन प्रमुख क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सराहा गया, उनमें स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (S4C) की स्थापना, e-Zero FIR प्रणाली का सफल क्रियान्वयन, ग्रिवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म (GRM), मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के माध्यम से साइबर ठगी के शिकार लोगों को धनवापसी की प्रक्रिया, सहयोग (Sahyog) पोर्टल के जरिए अवैध ऑनलाइन सामग्री हटाने की व्यवस्था तथा समन्वय (Samanvaya) पोर्टल का प्रभावी उपयोग शामिल हैं।

इसके अलावा साइबर अपराध हॉटस्पॉट की निगरानी, पुलिस एवं अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों का क्षमता निर्माण और सूचना, शिक्षा एवं जन-जागरूकता (IEC) कार्यक्रमों को भी राज्य की सफलता के महत्वपूर्ण आधार के रूप में चिन्हित किया गया। इन सभी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन ने तेलंगाना को राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान दिलाया।

समीक्षा बैठक के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि तेलंगाना देश का पहला राज्य है जिसने स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (S4C) स्थापित किया। इसके साथ ही राज्य ने e-Zero FIR व्यवस्था को लागू कर साइबर अपराध की प्रारंभिक शिकायतों के पंजीकरण को अधिक तेज और प्रभावी बनाया। I4C द्वारा विकसित समन्वय, सहयोग, GRM और मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल जैसे प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग ने भी राज्य की उपलब्धियों को मजबूत किया।

नागरिकों को साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के समाधान में बेहतर सहायता उपलब्ध कराने के लिए तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCSB) ने एक समर्पित हेल्पलाइन 8712665600 भी शुरू की है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक GRM और MRM से जुड़ी शिकायतों एवं प्रक्रियाओं के संबंध में टेलीफोन के जरिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसका उद्देश्य शिकायतों के शीघ्र निस्तारण और साइबर ठगी से प्रभावित लोगों को समय पर सहयोग उपलब्ध कराना है।

ब्यूरो ने आम लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग के प्रति जागरूक बनाने के लिए आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों पर कई शिक्षाप्रद वीडियो भी जारी किए हैं। इन वीडियो में GRM और MRM की कार्यप्रणाली, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया तथा साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में उपलब्ध विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इन सेवाओं का प्रभावी उपयोग कर सकें।

प्रख्यात साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि साइबर अपराध से प्रभावी मुकाबला केवल तकनीकी संसाधनों से संभव नहीं है, बल्कि विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित शिकायत पंजीकरण, डिजिटल प्लेटफॉर्म का कुशल उपयोग और नागरिकों की जागरूकता समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार यदि राज्यों में ऐसी व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जाए तो साइबर अपराध से होने वाले आर्थिक नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में बिना देरी किए गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, GRM और MRM जैसे आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करें। समय पर शिकायत दर्ज करने से न केवल जांच प्रक्रिया तेज होती है, बल्कि ठगी गई राशि की रिकवरी की संभावना भी काफी बढ़ जाती है। राज्य की यह उपलब्धि देश में साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।

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