मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के बरसाना स्थित श्री राधारानी मंदिर के नाम पर कथित फर्जी वेबसाइट बनाकर श्रद्धालुओं से VIP दर्शन के नाम पर ऑनलाइन धन वसूलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वेबसाइट के माध्यम से भक्तों को VIP दर्शन और गाइड उपलब्ध कराने का लालच देकर अग्रिम भुगतान मांगा जा रहा है। मंदिर प्रशासन ने ऐसी किसी भी वेबसाइट के संचालन से स्पष्ट इनकार करते हुए इसे धोखाधड़ी का मामला बताया है और संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ‘राधारानी मंदिर बरसाना 2026 VIP दर्शन’ नाम से संचालित एक वेबसाइट पर श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन कराने का दावा किया जा रहा है। वेबसाइट पर भुगतान के लिए एक QR कोड भी उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से कथित तौर पर अग्रिम राशि जमा करने को कहा जाता है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि मंदिर समिति ने किसी निजी वेबसाइट या एजेंसी को VIP दर्शन की ऑनलाइन बुकिंग का अधिकार नहीं दिया है।
मामले की पड़ताल के दौरान वेबसाइट पर उपलब्ध मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर स्वयं को ‘घनश्याम’ बताने वाले व्यक्ति ने दो वयस्क और दो बच्चों के लिए VIP दर्शन एवं गाइड की व्यवस्था करने के बदले ₹4,050 की मांग की। उसने पहले ₹1,000 QR कोड के माध्यम से जमा कराने और शेष राशि बाद में देने को कहा। बातचीत के दौरान दर्शन की व्यवस्था के लिए ‘गौरव’ नामक एक अन्य व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी साझा किया गया।
श्री राधारानी मंदिर के रिसीवर एवं सेवायतों ने स्पष्ट किया है कि मंदिर का इस वेबसाइट या उससे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, उन्हें इस वेबसाइट के संचालन की कोई जानकारी नहीं थी। अधिकारियों ने कहा कि वेबसाइट संचालकों को कानूनी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है और संबंधित एजेंसियों से मामले की जांच कराने की मांग की जाएगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह वेबसाइट कथित तौर पर वृंदावन क्षेत्र से संचालित की जा रही हो सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और संबंधित एजेंसियां वेबसाइट के डोमेन, भुगतान व्यवस्था, बैंक खातों, QR कोड, डिजिटल ट्रेल और संचालकों की पहचान की जांच कर सकती हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस माध्यम से कितने श्रद्धालुओं को निशाना बनाया गया है और कितनी धनराशि का लेनदेन हुआ।
प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह के अनुसार, साइबर अपराधी धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज और QR कोड के माध्यम से VIP दर्शन, पूजा बुकिंग या प्रसाद भेजने जैसे झूठे दावे करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को सलाह दी कि किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित मंदिर की आधिकारिक व्यवस्था और भुगतान प्रणाली की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें तथा केवल अधिकृत माध्यमों का ही उपयोग करें।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे VIP दर्शन या किसी अन्य सेवा के नाम पर संचालित अनधिकृत वेबसाइटों और सोशल मीडिया लिंक से सावधान रहें। अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी आरोप जांच के अधीन हैं।
