बरेली में जापान वीजा और हवाई टिकट दिलाने के नाम पर ₹92,300 की कथित ठगी के मामले में ट्रैवल कंपनी की निदेशक और कर्मचारी पर केस दर्ज हुआ है।

फर्जी गेमिंग वेबसाइट के जरिए साइबर ठगी का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार; ₹57 लाख फ्रीज

Team The420
4 Min Read

अयोध्या (उत्तर प्रदेश): अयोध्या साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी गेमिंग वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले में अकील अहमद उर्फ उर्फी और अमन खान को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में मौजूद ₹57 लाख की राशि फ्रीज कराई गई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह ऑनलाइन गेमिंग के जरिए पैसा दोगुना या तिगुना करने का लालच देकर लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं में फंसाता था।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि गिरोह का संचालन कथित तौर पर अकील अहमद उर्फ उर्फी अपने घर से कर रहा था, जहां से एक फर्जी कॉल सेंटर भी संचालित किया जा रहा था। अमन खान इस नेटवर्क में उसके सहयोगी के रूप में काम करता था। पुलिस को मामले की जानकारी संदिग्ध बैंक खातों की जांच के दौरान मिली, जिसके बाद कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी लोगों को ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए प्रेरित करते थे और कम समय में पैसा दोगुना या तिगुना होने का झांसा देते थे। वेबसाइट पर निवेश की गई राशि को काल्पनिक रूप से बढ़ता हुआ दिखाया जाता था, जिससे पीड़ितों का भरोसा बढ़े। जब निवेशक अपनी रकम निकालने का प्रयास करते, तो उनसे टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराने के लिए कहा जाता था। इसके बाद भी उन्हें कोई भुगतान नहीं किया जाता था।

FCRF Launches Certified AI-Powered SOC Analyst Program to Train the Next Generation of Cyber Defence Professionals

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक टैबलेट, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। डिजिटल फोरेंसिक जांच में 11,000 से अधिक गेमिंग आईडी, पासवर्ड, निवेश और निकासी (Withdrawal) का रिकॉर्ड तथा व्हाट्सएप चैट मिली हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी के संचालन में किया जाता था।

जांच में आरोपियों के विभिन्न बैंकों में पांच बैंक खातों का भी पता चला है। इनमें से एक बैंक खाते के विरुद्ध पहले से ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज थी। पुलिस ने एक अन्य बैंक खाते में मौजूद ₹57 लाख की राशि फ्रीज कर दी है और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।

Future Crime Research Foundation के अनुसार, फर्जी गेमिंग और निवेश प्लेटफॉर्म आज साइबर वित्तीय अपराध का तेजी से उभरता माध्यम बन चुके हैं। अपराधी आकर्षक रिटर्न, नकली डैशबोर्ड और मनोवैज्ञानिक दबाव के जरिए पीड़ितों का विश्वास जीतते हैं, जबकि पूरी ठगी सोशल इंजीनियरिंग पर आधारित होती है।

विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि ऑनलाइन गेमिंग या निवेश के नाम पर असामान्य और सुनिश्चित मुनाफे का दावा करने वाले प्लेटफॉर्म से सावधान रहें। किसी भी वेबसाइट या ऐप पर निवेश करने से पहले उसकी वैधता की स्वतंत्र रूप से जांच करें और अज्ञात प्लेटफॉर्म पर धनराशि स्थानांतरित करने से बचें। यदि किसी के साथ ऐसी ठगी होती है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। फिलहाल मामले में फरार आरोपी सुफियान की तलाश जारी है।

हमसे जुड़ें

Share This Article