लखनऊ (उत्तर प्रदेश): आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत सूचीबद्ध कई अस्पतालों के खिलाफ कथित फर्जी क्लेम और उपचार संबंधी अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई शुरू की गई है। आरोप है कि कुछ अस्पतालों ने योजना के लाभ का दुरुपयोग करते हुए एक ही परिवार के सदस्यों को बार-बार भर्ती दिखाया, आवश्यकता न होने पर भी मरीजों को आईसीयू में भर्ती किया और अधिक भुगतान प्राप्त करने के लिए कथित रूप से फर्जी बिलिंग की। मामले में विभिन्न स्तरों पर जांच जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, योजना के कथित दुरुपयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) ने कई जिलों में जांच अभियान शुरू किया। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं अस्पतालों ने उपचार संबंधी मानकों, बिलिंग प्रक्रिया और योजना के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन तो नहीं किया।
कार्रवाई के तहत विशेष जांच दल ने बिजनौर जिले के 20 सूचीबद्ध अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में 16 अस्पतालों में योजना के दिशा-निर्देशों, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन (STGs) और गुणवत्ता मानकों के पालन में कथित अनियमितताएं पाई गईं।
जांच के बाद छह अस्पतालों को निलंबन नोटिस जारी किया गया है और आयुष्मान भारत योजना के तहत उनका भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है। इसके अलावा 10 अन्य अस्पतालों को कथित अनियमितताओं के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन अस्पतालों ने पहले लगाए गए जुर्माने का भुगतान नहीं किया है, उनसे अब निर्धारित प्रावधानों के तहत 10 गुना अधिक जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त संबंधित ऑडिट एजेंसी को भी नोटिस जारी किया गया है तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक से कथित लापरवाही पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्रशासन का कहना है कि योजना से जुड़े सभी अस्पतालों के लिए संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन (STGs) और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पूर्ण पालन अनिवार्य है। मरीजों के उपचार या वित्तीय दावों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ सख्त नियामकीय कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जांच जारी है। अधिकारी मरीजों के भर्ती रिकॉर्ड, उपचार दस्तावेज, क्लेम रिकॉर्ड और अन्य संबंधित अभिलेखों की जांच कर कथित अनियमितताओं के वास्तविक दायरे का आकलन कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
