आजमगढ़: उत्तर प्रदेश पुलिस ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने के कथित रैकेट के मामले में नगर पालिका परिषद मुबारकपुर के एक आउटसोर्स कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुर्शीद, निवासी पूरा रानी, को मंगलवार को रोडवेज तिराहे से गिरफ्तार किया गया। उस पर नगर पालिका अधिकारियों के फर्जी डिजिटल हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर कूटरचित जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने का आरोप है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर नगर पालिका अधिकारियों के नकली डिजिटल हस्ताक्षरों का उपयोग कर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किया। आरोप है कि इस दस्तावेज का इस्तेमाल राशन कार्ड बनवाने और अन्य सरकारी अभिलेखों में नाम दर्ज कराने के लिए किया जाना था।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान एक वायरल ऑडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्य महत्वपूर्ण साबित हुए। डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि खुर्शीद ने कथित तौर पर फर्जी डिजिटल हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर यह जन्म प्रमाण पत्र तैयार किया था।
यह मामला 12 जुलाई को नगर पालिका परिषद मुबारकपुर के जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण प्रभारी की शिकायत पर मुबारकपुर थाने में दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मोहम्मद रऊफ के नाम से जारी जन्म प्रमाण पत्र नगर पालिका परिषद द्वारा आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया था और वह फर्जी था।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विदेश में रह रहे मोहम्मद नईम ने अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अपने भतीजे अब्दुल करीम से कहा था। आरोप है कि अब्दुल करीम ने खुर्शीद से संपर्क कराया, जिसने आवश्यक दस्तावेज और धनराशि प्राप्त करने के बाद कथित तौर पर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर उपलब्ध कराया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस कथित फर्जी जन्म प्रमाण पत्र पर संबंधित कर्मचारी और अधिशासी अधिकारी के नकली डिजिटल हस्ताक्षर अंकित थे, जिससे दस्तावेज को वास्तविक दिखाने का प्रयास किया गया। पुलिस का आरोप है कि इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं और अभिलेखों में इसका उपयोग करना था।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान खुर्शीद ने रुपये के लालच में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने की बात स्वीकार की। हालांकि, इस कथित स्वीकारोक्ति की वैधानिक पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
मामले की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस कथित साजिश में अन्य लोग शामिल थे या नहीं तथा क्या इसी तरीके से अन्य फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी तैयार किए गए। डिजिटल साक्ष्यों, आधिकारिक अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों की जांच जारी है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगी।
