वाराणसी में साइबर वज्र अभियान के तहत 75 आरोपियों को गिरफ्तार कर 480 बैंक खातों में ₹3.4 करोड़ की राशि फ्रीज की गई है।

वाराणसी में ‘साइबर वज्र अभियान’ की बड़ी कार्रवाई: 75 साइबर अपराधी गिरफ्तार, ₹3.4 करोड़ फ्रीज

Team The420
4 Min Read

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘साइबर वज्र अभियान’ के तहत पुलिस ने व्यापक कार्रवाई करते हुए 39 साइबर अपराध मामलों में 75 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अभियान की समीक्षा के दौरान पुलिस आयुक्त ने बताया कि कार्रवाई के तहत बड़ी संख्या में बैंक खातों को फ्रीज किया गया है, साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए गए हैं और मनी म्यूल नेटवर्क की गहन जांच जारी है।

पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान 39 साइबर एफआईआर दर्ज की गईं। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 42 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो चारपहिया वाहन, लगभग ₹1.40 लाख नकद तथा अन्य डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं। इन साक्ष्यों का फॉरेंसिक विश्लेषण कर साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

वित्तीय जांच के तहत पुलिस ने 480 बैंक खातों को फ्रीज कर उनमें मौजूद लगभग ₹3.4 करोड़ की राशि पर रोक लगा दी है। इसके अतिरिक्त 854 संदिग्ध मनी म्यूल बैंक खातों की जांच की जा रही है। पुलिस खाताधारकों का सत्यापन, धन के स्रोत तथा लेन-देन के पैटर्न का विश्लेषण कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम को स्थानांतरित करने या छिपाने में तो नहीं किया गया।

FCRF Launches Certified AI-Powered SOC Analyst Program to Train the Next Generation of Cyber Defence Professionals

अभियान के दौरान 145 IMEI नंबर और 168 मोबाइल नंबर भी ब्लॉक किए गए हैं, जिनका कथित तौर पर साइबर अपराधों में इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि समय रहते हस्तक्षेप कर 300 युवक-युवतियों को साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाया गया, जबकि पीड़ितों के ₹29.5 लाख भी वापस कराए गए।

जांच एजेंसियों ने अंतरराज्यीय MLM (मल्टी-लेवल मार्केटिंग) और पिरामिड स्कीम संचालित करने वाले गिरोहों के अलावा ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ भी कार्रवाई की है। इसके साथ ही फर्जी नौकरी, ऑनलाइन ट्रेडिंग निवेश धोखाधड़ी, मनी म्यूल खाते, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, ग्राइंडर और पोलो ऐप से जुड़ी ठगी, फर्जी क्रेडिट कार्ड APK, OLX धोखाधड़ी, निजी बैंक भर्ती के नाम पर ठगी तथा बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की गई है।

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि मनी म्यूल खाते आज अधिकांश संगठित साइबर अपराधों की वित्तीय रीढ़ बन चुके हैं। उनके अनुसार, ऐसे खातों की पहचान कर उनके संचालकों और पूरे वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई करना साइबर अपराध की कमाई को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने लोगों से किसी भी व्यक्ति के कहने पर कमीशन के बदले अपना बैंक खाता उपलब्ध न कराने की अपील की।

पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को मनी म्यूल खातों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे खाते खुलवाने, उपलब्ध कराने या उनके संचालन में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हमसे जुड़ें

Share This Article