नोएडा जिला अस्पताल में NHM नियमों के खिलाफ 17 स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती और करीब ₹79 लाख वेतन भुगतान का मामला सामने आया है।

बिल्हौर उप-निबंधक कार्यालय में आयकर विभाग का सर्वे: 900 PAN रिकॉर्ड में गड़बड़ी, करोड़ों की वित्तीय विसंगतियों के संकेत

Team The420
3 Min Read

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिल्हौर तहसील परिसर स्थित उप-निबंधक कार्यालय में आयकर विभाग ने मंगलवार को लगभग सात घंटे तक व्यापक सर्वे अभियान चलाया। प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को करोड़ों रुपये की संभावित वित्तीय विसंगतियों के संकेत मिले हैं। जांच के दौरान लगभग 900 PAN रिकॉर्ड में नाम, पते और अन्य विवरणों से जुड़ी कथित अनियमितताएं सामने आई हैं। विभाग ने मामले में विस्तृत वित्तीय जांच शुरू कर दी है।

आयकर विभाग की टीम ने सर्वे के दौरान कार्यालय में उपलब्ध दस्तावेजों, संपत्ति पंजीकरण अभिलेखों और वित्तीय रिकॉर्ड का परीक्षण किया। अधिकारियों ने ₹10 लाख से अधिक मूल्य के संपत्ति खरीद-बिक्री लेन-देन से जुड़े खरीदारों और विक्रेताओं का विवरण भी अपने कब्जे में लिया है ताकि आयकर नियमों के अनुपालन और धन के स्रोत की जांच की जा सके।

FCRF Launches Certified AI-Powered SOC Analyst Program to Train the Next Generation of Cyber Defence Professionals

प्रारंभिक जांच में करीब 900 PAN नंबरों से संबंधित रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियां पाई गईं। इनमें कई मामलों में नाम अधूरे, पते गलत अथवा अन्य आवश्यक जानकारियां त्रुटिपूर्ण मिलने का दावा किया गया है। आयकर विभाग अब यह जांच कर रहा है कि इन अनियमितताओं का उपयोग कर कहीं वित्तीय लेन-देन या कर देनदारियों को छिपाने का प्रयास तो नहीं किया गया।

जांच के दौरान विभाग ने संपत्ति पंजीकरण से जुड़े पिछले पांच वर्षों के दस्तावेज, रिकॉर्ड और संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कार्यालय को 10 दिन का समय दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इन दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि वित्तीय लेन-देन और कर संबंधी रिपोर्टिंग में किसी प्रकार की व्यवस्थित अनियमितता हुई है या नहीं।

आयकर विभाग ने वित्तीय लेन-देन की Statement of Financial Transactions (SFT) रिपोर्टिंग में भी कथित कमियां पाई हैं। इसके अलावा फॉर्म-61 से जुड़े रिकॉर्ड में भी अनियमितताओं की जांच की जा रही है। विभाग यह पता लगा रहा है कि निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक सूचनाएं समय पर और सही रूप में उपलब्ध कराई गई थीं या नहीं।

सर्वे के दौरान कार्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार बंद रखा गया और कर्मचारियों के मोबाइल फोन कुछ समय के लिए सुरक्षित रखवाए गए ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो। इस दौरान नियमित कार्यालयी कार्य भी अस्थायी रूप से रोककर दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का परीक्षण किया गया। परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात रहा।

आयकर विभाग के अनुसार, सर्वे के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। यदि जांच में कर चोरी, गलत वित्तीय खुलासे या अन्य कानूनी उल्लंघन के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी अनियमितता की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही की जाएगी।

हमसे जुड़ें

Share This Article