नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कथित बड़े पैमाने पर होमबायर्स फ्रॉड मामलों की जांच के तहत अपनी 16वीं चार्जशीट दाखिल करते हुए नोएडा स्थित रियल एस्टेट कंपनी Saha Infratech Pvt. Ltd., उसके निदेशक तथा HDFC Bank Ltd. और ICICI Bank Ltd. के कुछ अधिकारियों को आरोपी बनाया है। यह चार्जशीट नई दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू जिला न्यायालय में CBI मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष दाखिल की गई है।
CBI के अनुसार यह मामला नोएडा स्थित एक हाउसिंग परियोजना से जुड़ी कथित धोखाधड़ी से संबंधित है। एजेंसी का आरोप है कि Saha Infratech Pvt. Ltd., उसके निदेशक, दोनों निजी बैंकों के कुछ अधिकारियों तथा अन्य निजी व्यक्तियों ने कथित साजिश के तहत घर खरीदारों और निवेशकों को झूठे आश्वासन तथा भ्रामक प्रस्तुतियों के माध्यम से निवेश के लिए प्रेरित किया।
जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने कथित रूप से अवैध और भ्रामक तरीकों का इस्तेमाल कर वित्तीय लाभ प्राप्त किया, जिससे घर खरीदारों और निवेशकों को आर्थिक नुकसान पहुंचा। CBI के अनुसार जांच के दौरान उसे आपराधिक साजिश, पद के दुरुपयोग, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित पर्याप्त दस्तावेजी और अन्य साक्ष्य मिले हैं।
इन्हीं निष्कर्षों के आधार पर एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता/भारतीय दंड संहिता (मामले की अवधि के अनुसार लागू प्रावधान) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।
CBI ने बताया कि यह चार्जशीट सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दर्ज किए गए कई होमबायर्स धोखाधड़ी मामलों की व्यापक जांच का हिस्सा है। एजेंसी वर्तमान में देशभर में विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज 33 अन्य मामलों की भी जांच कर रही है। इन मामलों में घर खरीदारों से एकत्र धन के कथित दुरुपयोग, फंड डायवर्जन और धोखाधड़ी के आरोपों की जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या घर खरीदारों से जुटाई गई राशि का दुरुपयोग किया गया, क्या वित्तीय संस्थानों ने ऋण स्वीकृति और ड्यू डिलिजेंस संबंधी नियमों का पालन किया तथा क्या परियोजनाओं की बिक्री के दौरान खरीदारों को कथित रूप से गुमराह किया गया।
CBI ने यह भी बताया कि इससे पहले दाखिल की गई चार्जशीटों में Rudra Buildwell Constructions Pvt. Ltd., Dream Procon Pvt. Ltd. और Jaypee Infratech Ltd. सहित कई अन्य बिल्डर कंपनियों, उनके निदेशकों तथा कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के नाम भी शामिल किए जा चुके हैं।
एजेंसी के अनुसार कई मामलों में जांच अभी जारी है और कथित वित्तीय अनियमितताओं, परियोजना निधियों के दुरुपयोग तथा बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के बीच संभावित साजिश से जुड़े अतिरिक्त साक्ष्यों की जांच की जा रही है। CBI ने कहा कि आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के दौरान एकत्र होने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
CBI ने स्पष्ट किया कि चार्जशीट दाखिल किया जाना जांच के अब तक के निष्कर्षों पर आधारित प्रक्रिया का हिस्सा है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय में सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा तथा आरोपियों का दोषी या निर्दोष होना न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा।
