एफबीआई ने कोविड-19 राहत योजनाओं में ₹275 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में फरार महिला एलेन एंजीन एस्को पर ₹1.29 करोड़ का इनाम घोषित किया है।

एफबीआई ने कोविड राहत घोटाले की मुख्य आरोपी पर घोषित किया बड़ा इनाम

Team The420
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अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी (FBI) ने कोविड-19 महामारी राहत कोष में हुए एक विशाल वित्तीय घोटाले के सिलसिले में एक महिला को अपनी ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल किया है। आरोपी महिला पर सरकारी योजनाओं को निशाना बनाकर करीब ₹275 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप है। अमेरिकी प्रशासन ने इस फरार संदिग्ध की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि तक पहुंचाने वाली सटीक जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए एक बड़े नकद इनाम की भी घोषणा की है। यह मामला वैश्विक महामारी के दौरान आपातकालीन सरकारी सहायता प्रणालियों में सेंध लगाने वाले सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित आर्थिक अपराधों में से एक बनकर उभरा है।

कोविड राहत योजनाओं में बड़ी हेराफेरी का नेटवर्क

एफबीआई की चार्जशीट के अनुसार, 40 वर्षीय मुख्य आरोपी महिला, जिसकी पहचान एलेन एंजीन एस्को (Elaine Angene Escoe) के रूप में हुई है, ने मई 2020 से नवंबर 2021 के बीच अमेरिकी सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को धोखाधड़ी का निशाना बनाया। आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक सुनियोजित आपराधिक नेटवर्क तैयार किया, जिसने महामारी से प्रभावित व्यवसायों की मदद के लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ उठाने के लिए 90 से अधिक फर्जी आवेदन दाखिल किए। इन डिजिटल आवेदनों में कंपनियों के कर्मचारियों की संख्या, मासिक वेतन व्यय, व्यावसायिक आय और वास्तविक कारोबारी गतिविधियों से संबंधित पूरी तरह झूठे और भ्रामक विवरण प्रस्तुत किए गए थे। इस सुनियोजित फर्जीवाड़े के जरिए अमेरिकी सरकार की अलग-अलग आपातकालीन सहायता योजनाओं से करोड़ों रुपये की राशि अवैध रूप से स्वीकृत कराई गई।

विभिन्न सरकारी फंडों का दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग

इस बड़े घोटाले के तहत आरोपियों ने अमेरिकी सरकार की तीन प्रमुख महामारी राहत योजनाओं को निशाना बनाया। जांच के दौरान सामने आया कि इस नेटवर्क ने पेचेक प्रोटेक्शन प्रोग्राम (PPP) से लगभग ₹248 करोड़, शटरड वेन्यू ऑपरेटर्स ग्रांट (SVOG) योजना से करीब ₹32 करोड़ तथा रेस्टोरेंट रिवाइटलाइजेशन फंड (RRF) से लगभग ₹10 करोड़ की राशि अवैध रूप से प्राप्त की। कुल मिलाकर इस वित्तीय अनियमितता का मूल्य ₹275 करोड़ से अधिक आंका गया है। इतनी भारी-भरकम राशि हासिल करने के बाद, इस सिंडिकेट ने धन के वास्तविक स्रोत और उसकी अवैध प्रकृति को छिपाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग के जटिल तरीकों का सहारा लिया।

इस अवैध पूंजी को तुरंत कई शेल कंपनियों और व्यक्तिगत बैंक खातों के माध्यम से एक से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने जानबूझकर ऐसी कंपनियों के बीच लेन-देन दिखाए जो पूरी तरह से उनके ही नियंत्रण में थीं। ट्रैकिंग से बचने के लिए, आरोपियों ने आपस में लगातार भुगतान भेजे, बैंकों से भारी मात्रा में नकदी निकाली और पहले से हस्ताक्षरित खाली चेक का इस्तेमाल कर वित्तीय ऑडिट ट्रेल को पूरी तरह उलझाने का प्रयास किया।

कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी पर बड़ा इनाम

एफबीआई ने इस वित्तीय जालसाजी को देखते हुए आरोपी के खिलाफ वायर फ्रॉड की साजिश, मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश और अवैध वित्तीय लेनदेन के जरिए धन शोधन सहित कई गंभीर संघीय आरोप दर्ज किए हैं। अमेरिकी संघीय अदालत ने एलेन एंजीन एस्को के खिलाफ 22 मई 2025 को एक औपचारिक गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद आरोपी को 5 जून 2025 को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया था, लेकिन वह नियत तिथि पर उपस्थित नहीं हुई और कानूनी प्रक्रिया से भाग निकली।

जांच अधिकारियों के मुताबिक, उसे अंतिम बार 3 जून 2025 को अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के पाम बीच काउंटी क्षेत्र में देखा गया था, जिसके बाद से ही वह लगातार फरार चल रही है। एजेंसी ने आशंका जताई है कि आरोपी देश छोड़कर भागने का प्रयास कर सकती है, जिसे देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलर्ट जारी किया गया है। एफबीआई ने आम जनता से उसकी तलाश में सहयोग की अपील करते हुए घोषणा की है कि जो भी व्यक्ति उसकी गिरफ्तारी और दोषसिद्धि सुनिश्चित करने वाली विश्वसनीय सूचना देगा, उसे 1.5 लाख अमेरिकी डॉलर यानी लगभग ₹1.29 करोड़ का इनाम दिया जाएगा। हालांकि, अमेरिकी न्याय प्रणाली के तहत मामले के सभी आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और अंतिम फैसला अदालत में पेश साक्ष्यों के आधार पर ही लिया जाएगा।

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