लखनऊ में होने वाली आगामी सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। बोर्ड ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि नकल, पेपर लीक और सॉल्वर गैंग से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यहां तक कि सॉल्वर के रूप में पकड़े जाने पर उसकी चल और अचल संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।
बोर्ड ने बताया कि ऐसे मामलों में जांच अधिकारी (विवेचक) अपनी रिपोर्ट तैयार कर संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को भेजेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह कदम परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकल मुक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अपर सचिव भर्ती सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने जानकारी देते हुए कहा कि बोर्ड के संज्ञान में आया है कि कुछ लोग आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र या उनके संभावित कंटेंट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा, विश्लेषण और प्रसार कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि इस तरह की सभी गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत परीक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। इसमें नकल करना, प्रश्नपत्र या उत्तर कुंजी का लीक, अनधिकृत प्रसार, और परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़ जैसे कार्य शामिल हैं।
नए प्रावधानों के तहत यदि कोई अभ्यर्थी परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करता है तो उसे कम से कम एक वर्ष के लिए परीक्षा से डिबार किया जा सकता है। इसके साथ ही उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होगा, जिसमें तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। यह अपराध गैर-जमानती श्रेणी में रखा गया है।
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सोशल मीडिया पर परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की चर्चा, अफवाह या प्रश्नपत्र के बारे में प्रचार-प्रसार को भी अपराध माना जाएगा। बोर्ड ने कहा है कि ऐसे मामलों पर निगरानी रखी जा रही है और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े किसी भी व्यक्ति द्वारा गोपनीय जानकारी साझा करने पर और भी कड़ी सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों में दो से दस वर्ष तक की कैद और दो से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
सबसे सख्त प्रावधान सॉल्वर गैंग के लिए तय किए गए हैं। यदि कोई सॉल्वर गैंग पहली बार पकड़ा जाता है तो उसे अधिकतम सात वर्ष की सजा और दस लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना होगा। वहीं दूसरी बार अपराध करने पर आजीवन कारावास और 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
बोर्ड ने कहा है कि परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है। अभ्यर्थियों को चेतावनी दी गई है कि वे किसी भी प्रकार के दलालों या गलत साधनों के झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
अंत में बोर्ड ने दोहराया कि परीक्षा से जुड़ी हर गतिविधि पर सख्त नजर रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
