वाराणसी पुलिस ने IPL निवेश के नाम पर चल रहे ₹700 करोड़ के साइबर–हवाला रैकेट का खुलासा कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

IPL सट्टेबाजी का बड़ा खेल उजागर: होटल के कमरे से चल रहा था लाखों का दांव, पांच बुकी गिरफ्तार

Team The420
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आगरा। आईपीएल मैचों पर अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा पुलिस ने पांच सट्टेबाजों (बुकियों) को गिरफ्तार किया है। यह पूरा नेटवर्क होटल के कमरे से संचालित किया जा रहा था, जहां बैठकर आरोपी लाखों रुपये का दांव लगवा रहे थे। पुलिस ने चार आरोपियों को होटल से और एक को उसके घर से दबिश देकर गिरफ्तार किया।

यह कार्रवाई फतेहाबाद रोड स्थित होटल हावर्ड पार्क प्लाजा में की गई, जहां कमरा नंबर 318 को सट्टेबाजी का अड्डा बनाया गया था।

होटल के कमरे से चल रहा था सट्टे का नेटवर्क

पुलिस को रविवार देर रात सूचना मिली थी कि होटल के एक कमरे में कुछ लोग आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगा रहे हैं। सूचना के आधार पर एसीपी ताजगंज मयंक तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी की।

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छापे के दौरान कमरे से सुनील धाकड़, अनिल खेम्यानी, मनीष मयानी उर्फ ‘सब्जी’ और राहुल मुदगल उर्फ ‘लाला’ को गिरफ्तार किया गया। मौके से कई मोबाइल फोन, लेन-देन से जुड़ी डायरी और डिजिटल रिकॉर्ड भी बरामद किए गए।

डिजिटल सट्टेबाजी का पूरा सिस्टम उजागर

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह फोन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा चलाता था। ग्राहकों को अलग-अलग आईडी बनाकर जोड़ दिया जाता था और उनकी लिमिट तय की जाती थी। मैच के दौरान भाव बदलकर बड़े स्तर पर लेन-देन किया जाता था। पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसमें कई स्थानीय और बाहरी लोग शामिल थे।

घर से भी हुई गिरफ्तारी, दबाव में खुलासे

छापेमारी के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने शाहगंज निवासी पीयूष शर्मा के घर पर दबिश दी और उसे भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसने खुद को एक संस्था से जुड़ा बताकर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

पूछताछ के दौरान पीयूष ने स्वीकार किया कि वह सट्टेबाजों को पैसे उपलब्ध कराता था और इस नेटवर्क में उसकी अहम भूमिका थी।

बड़े नाम भी जांच के दायरे में

  • जांच में कई अन्य नामों का भी खुलासा हुआ है, जिनमें राधे मल्होत्रा, अनिल शर्मा उर्फ अन्नी, संजय कालिया, राजीव चोपड़ा, टोनी सिंधी, बोनी वकील और भारत पेशवानी शामिल हैं।
  • पुलिस के अनुसार ये सभी लोग इस सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और इनकी भूमिका की जांच की जा रही है। फिलहाल सभी को वांछित घोषित कर उनकी तलाश तेज कर दी गई है।
  • जांच में सामने आया है कि संजय कालिया पहले भी कई बार सट्टेबाजी और जुए के मामलों में जेल जा चुका है। वह इस बार भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ पाया गया है।
  • पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक पुराना और सक्रिय सट्टेबाजी नेटवर्क है, जो समय-समय पर अपना रूप बदलकर काम करता है।

सट्टे का बड़ा कारोबार और पैसों का खेल

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि सट्टेबाज बड़े खिलाड़ियों और ग्राहकों की अलग-अलग आईडी बनाते थे। उनके लिए लिमिट तय होती थी और मैच के दौरान करोड़ों रुपये तक का लेन-देन किया जाता था। यह पूरा सिस्टम मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन चैनलों के जरिए संचालित किया जा रहा था, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।

इस कार्रवाई के बाद ताजगंज और शाहगंज क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था, लेकिन अब इसकी परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। पुलिस का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

गिरफ्तार सभी पांच आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस पूरे सट्टेबाजी नेटवर्क की फाइनेंशियल ट्रेल और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार इस मामले में जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान जारी रहेगा।

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