Europol के सहयोग से स्विट्जरलैंड और जर्मनी की एजेंसियों ने ब्लैक ऐक्स गैंग पर कार्रवाई कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

यूरोप में ‘ब्लैक ऐक्स’ गैंग पर बड़ा वार: 10 गिरफ्तार, करोड़ों की ऑनलाइन ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क बेनकाब

Team The420
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ज्यूरिख। अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी और संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में Europol के सहयोग से स्विट्जरलैंड और जर्मनी की एजेंसियों ने कुख्यात ‘ब्लैक ऐक्स’ आपराधिक संगठन के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन चलाकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में इस नेटवर्क का “रीजनल हेड” भी शामिल बताया जा रहा है, जो दक्षिणी यूरोप में संगठन की गतिविधियों को संचालित कर रहा था।

28 अप्रैल 2026 को कई स्विस कैंटनों में एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें कई ठिकानों—रिहायशी और स्टोरेज सुविधाओं—की तलाशी ली गई। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह गिरोह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था और ऑनलाइन फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों पर रोमांस स्कैम जैसे साइबर अपराधों के जरिए लोगों को ठगने का आरोप है, जिसमें पीड़ितों को भावनात्मक रूप से फंसाकर उनसे बड़ी रकम ऐंठी जाती थी। इस तरह की धोखाधड़ी से लाखों स्विस फ्रैंक (भारतीय मुद्रा में करोड़ों रुपये) का नुकसान हुआ है। इसके अलावा, अवैध धन को छिपाने और वैध दिखाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का जाल भी संचालित किया जा रहा था।

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जांच में सामने आया है कि ‘ब्लैक ऐक्स’ एक बेहद संगठित और अनुशासित आपराधिक नेटवर्क है, जिसकी जड़ें नाइजीरिया से जुड़ी मानी जाती हैं। यह संगठन कथित तौर पर Neo-Black Movement of Africa से जुड़ा हुआ है और इसकी संरचना सैन्य शैली की है, जिसमें सख्त नियम और पदानुक्रम लागू होते हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क का विस्तार दुनिया के कई देशों में फैला हुआ है। संगठन अपने संचालन को अलग-अलग “जोन” में विभाजित करता है—नाइजीरिया में करीब 60 और विदेशों में 35 जोन सक्रिय बताए जाते हैं। हर जोन में लगभग 200 सदस्य होते हैं, जबकि कुल मिलाकर इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की संख्या करीब 30,000 तक आंकी जाती है। इसके अलावा, बड़ी संख्या में “मनी म्यूल्स” और सहयोगी भी इस नेटवर्क का हिस्सा होते हैं, जो फंड ट्रांसफर और अन्य गतिविधियों में मदद करते हैं।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, ‘ब्लैक ऐक्स’ केवल साइबर फ्रॉड तक सीमित नहीं है, बल्कि ड्रग तस्करी, मानव तस्करी, वेश्यावृत्ति, अपहरण और सशस्त्र लूट जैसे गंभीर अपराधों में भी इसकी संलिप्तता पाई गई है। संगठन छोटे-छोटे अपराधों के जरिए बड़ी मात्रा में अवैध धन अर्जित करता है, जिसका कुल सालाना कारोबार अरबों यूरो (लाखों करोड़ रुपये) तक पहुंचने का अनुमान है।

इस ऑपरेशन को सफल बनाने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अहम भूमिका रही। स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख अभियोजन कार्यालय और स्थानीय पुलिस इकाइयों ने जर्मन एजेंसियों के साथ मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। Europol ने इस दौरान डेटा विश्लेषण, इंटेलिजेंस शेयरिंग और क्रॉस-बॉर्डर कोऑर्डिनेशन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

एजेंसियों का कहना है कि इस तरह के संगठित नेटवर्क छोटे-छोटे अपराधों के जरिए खुद को स्थानीय स्तर पर छिपा लेते हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूचनाओं का आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई बेहद जरूरी हो जाती है।

इस कार्रवाई से पहले भी यूरोप के कई देशों में ‘ब्लैक ऐक्स’ नेटवर्क के खिलाफ अभियान चलाए गए थे, जिनमें कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। मौजूदा ऑपरेशन को उसी श्रृंखला की कड़ी माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य इस वैश्विक नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ना है।

फिलहाल जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और वित्तीय लेन-देन के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध और साइबर फ्रॉड के खिलाफ एक बड़ा संदेश मानी जा रही है, जो यह दिखाती है कि सीमाओं के पार फैले ऐसे नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए वैश्विक सहयोग कितना जरूरी है।

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