NCB ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े कुख्यात तस्कर सलीम डोला को गिरफ्तार किया, जिसके नेटवर्क के कई देशों तक फैले होने की जांच की जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट पर बड़ी चोट: कुख्यात तस्कर सलीम डोला गिरफ्तार, NCB ने बताया—कई देशों में फैला नेटवर्क

Team The420
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नई दिल्ली। देश की एंटी-नारकोटिक्स एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है, जहां कुख्यात ड्रग तस्कर सलीम डोला को भारत लाकर गिरफ्तार किया गया है। Narcotics Control Bureau (NCB) के अनुसार, डोला एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का संचालन कर रहा था, जिसकी पहुंच कई देशों तक फैली हुई थी।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, सलीम डोला लंबे समय से भारत से फरार था और विदेश में रहकर अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत उसे तुर्की से भारत लाया गया, जहां दिल्ली पहुंचते ही उसे हिरासत में ले लिया गया। INTERPOL की रेड नोटिस सूची में शामिल डोला कई नारकोटिक्स मामलों में वांछित था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, डोला ने पिछले दो दशकों में एक मजबूत ट्रांसनेशनल ड्रग सिंडिकेट खड़ा किया था, जो मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और यूरोप तक फैला हुआ था। इस नेटवर्क के जरिए हेरोइन, मेफेड्रोन, मेथामफेटामिन, चरस और मंद्राक्स जैसे नशीले पदार्थों की सप्लाई की जाती थी।

अधिकारियों का कहना है कि डोला की भूमिका केवल एक साधारण तस्कर की नहीं थी, बल्कि वह पूरे नेटवर्क का प्रमुख सप्लायर और संचालक था। वह भारत में मौजूद डिस्ट्रीब्यूशन चैनल्स को बड़े स्तर पर ड्रग्स की सप्लाई करता था और विदेशी ठिकानों से अपने ऑपरेशन को निर्देशित करता था।

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जांच में यह भी सामने आया है कि डोला का संबंध अंडरवर्ल्ड नेटवर्क से भी रहा है, और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित अपराध गिरोहों के संपर्क में था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसका नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और विभिन्न राज्यों में ड्रग्स की सप्लाई चेन को नियंत्रित करता था।

सूत्रों के अनुसार, भारत में पहले हुई कई बड़ी ड्रग बरामदगी के मामलों में भी डोला का नाम सामने आया था। एजेंसियों का मानना है कि वह सिंथेटिक ड्रग्स के उत्पादन और वितरण में अहम भूमिका निभाता था और इसके लिए उसने अलग-अलग जगहों पर नेटवर्क विकसित किया हुआ था।

इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन ग्लोबल हंट’ का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसके तहत भारतीय एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस दौरान तुर्की की एजेंसियों और भारतीय इंटेलिजेंस के बीच करीबी तालमेल देखने को मिला, जिससे आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकी।

गृह मंत्रालय के अनुसार, डोला के खिलाफ भारत में कई राज्यों में केस दर्ज हैं और उसकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी। उसके नेटवर्क से जुड़े कई सहयोगियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे इस सिंडिकेट की कई कड़ियां सामने आई हैं।

जांच एजेंसियों का कहना है कि डोला से पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय लिंक, फंडिंग चैनल्स और सप्लाई रूट्स के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर सक्रिय ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ कार्रवाई को मजबूती मिल सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रांसनेशनल ड्रग नेटवर्क्स को खत्म करना आसान नहीं होता, क्योंकि ये कई देशों में फैले होते हैं और अलग-अलग चैनलों के जरिए काम करते हैं। ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी इंटेलिजेंस बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गृह मंत्रालय ने इस कार्रवाई को देश में ड्रग तस्करी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा बताया है। अधिकारियों का कहना है कि अब ऐसे अपराधियों के लिए दुनिया में कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।

फिलहाल, सलीम डोला को विभिन्न एजेंसियों द्वारा पूछताछ के लिए अलग-अलग राज्यों में ले जाने की तैयारी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जो भारत में फैल रहे ड्रग नेटवर्क्स के खिलाफ निर्णायक साबित होंगे।

यह कार्रवाई एक बार फिर यह संकेत देती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले संगठित अपराधों के खिलाफ भारत अब अधिक आक्रामक और समन्वित रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में ऐसे नेटवर्क्स पर और प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

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