मुंबई: मुंबई और ठाणे क्षेत्र से एक गंभीर मैरिज फ्रॉड का मामला सामने आया है, जिसमें 42 वर्षीय महिला से करीब ₹31 लाख की ठगी का आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार आरोपी ने पहले प्रेम संबंध बनाया, फिर शादी का वादा कर वर्षों तक अलग-अलग बहानों से पैसे लेता रहा और बाद में फरार हो गया।
कॉल सेंटर में मुलाकात से शुरू हुआ रिश्ता
मामले में आरोपी की पहचान कमलेश मोटी डलवी के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2020 में दोनों की मुलाकात एक कॉल सेंटर में काम के दौरान हुई थी। शुरुआती बातचीत सामान्य थी, लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्ता दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गया। इसी भावनात्मक जुड़ाव को आधार बनाकर आरोपी ने आर्थिक मदद मांगनी शुरू कर दी।
शिकायत के अनुसार नवंबर 2020 के बाद आरोपी ने अलग-अलग बहानों से लगातार पैसे लेना शुरू किया। कभी बिजनेस में नुकसान का हवाला दिया गया, कभी परिवारिक परेशानी बताई गई और कभी तत्काल जरूरत के नाम पर रकम ली गई। भरोसे में आकर महिला ने कई बार मदद की, जिससे दी गई राशि धीरे-धीरे बढ़ती चली गई।
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परिवार से मिलवाकर भरोसा बढ़ाने का आरोप
वर्ष 2022 तक आरोपी ने महिला को अपने परिवार से भी मिलवाया, जिससे रिश्ते को लेकर भरोसा और मजबूत हुआ। इसके बाद उसने शादी का वादा किया, लेकिन बार-बार अलग-अलग कारणों से तारीख टालता रहा। कभी परिवार में शोक का हवाला दिया गया तो कभी निजी समस्याओं का बहाना बनाकर वह शादी को आगे बढ़ाता रहा।
वर्ष 2024 की शुरुआत में महिला ने स्पष्ट रूप से शादी की तारीख तय करने या पैसे वापस करने की मांग की। इसके बाद दिसंबर 2024 में परिवार की मौजूदगी में दोनों की शादी कर दी गई। लेकिन शादी के बाद भी हालात नहीं बदले।
शादी के बाद आरोपी ने यह दावा किया कि उसके पास रहने के लिए घर नहीं है और उसने फिर से आर्थिक मदद लेना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों एक साथ नहीं रहे और आरोपी लगातार दूरी बनाए रहा। इसी दौरान महिला को उसके व्यवहार पर शक होने लगा।
नकद और बैंक ट्रांसफर से ₹31 लाख तक पहुंची ठगी
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने शादी से पहले और शादी के बाद दोनों चरणों में लगातार अलग-अलग बहानों से पैसे लिए। इस तरह कुल ठगी की राशि करीब ₹31 लाख तक पहुंच गई, जिसमें नकद और बैंक ट्रांसफर दोनों प्रकार के लेन-देन शामिल हैं।
जब महिला को पूरी सच्चाई का एहसास हुआ, तो उसने मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
भावनात्मक भरोसे का इस्तेमाल कर आर्थिक शोषण
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में भावनात्मक भरोसे का इस्तेमाल कर लंबे समय तक आर्थिक शोषण किया जाता है। रिश्ते के शुरुआती चरण में बार-बार पैसों की मांग, शादी को टालना और अस्पष्ट कारण देना ऐसे फ्रॉड के प्रमुख संकेत होते हैं, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी व्यक्तिगत संबंध में बड़े आर्थिक लेन-देन से पहले पूरी जांच, पारदर्शिता और सावधानी बेहद जरूरी है। जल्दबाजी में किया गया भरोसा अक्सर लंबे समय तक आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि भावनात्मक रिश्तों में सतर्कता की कमी किस तरह बड़े वित्तीय धोखे में बदल सकती है। फिलहाल पुलिस आरोपी की लोकेशन और उसके संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी हुई है।
