होशियारपुर के जालालपुर निवासी सेवानिवृत्त DSP ने दर्ज कराई शिकायत, साइबर क्राइम टीम ने किया केस रजिस्टर

पंजाब: सेवानिवृत्त ITBP अधिकारी के खातों से ऑनलाइन फ्रॉड में ₹17.52 लाख की चोरी, पुलिस जांच में जुटी

Roopa
By Roopa
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होशियारपुर (पंजाब): पंजाब के होशियारपुर जिले में एक सेवानिवृत्त ITBP अधिकारी के बैंक खातों से लगभग ₹17.52 लाख ऑनलाइन फ्रॉड में चोरी होने की घटना सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में साइबर क्राइम टीम को जांच के लिए सक्रिय कर दिया है।

शिकायतकर्ता कर्नैल सिंह (73), जो जालालपुर गांव के निवासी हैं और ITBP से DSP पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, ने बताया कि वे वर्तमान में कृषि कार्य में संलग्न हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पास अपनी पत्नी के साथ एक साझा बैंक खाता और उसी बैंक में एक अलग खाता भी है।

कर्नैल सिंह ने कहा कि जब वे और उनका बेटा 21 फरवरी, 2025 को बैंक गए, तो उन्होंने देखा कि उनके खातों से वित्तीय राशि गायब थी। उनकी शिकायत के अनुसार, ₹11,26,510 उनके साझा खाते से ऑनलाइन ट्रांज़ैक्शन के माध्यम से निकाली गई, जिससे खाते में केवल ₹167 बचे। इसके अलावा, दूसरे खाते से ₹6,26,500 गायब हो गए।

पुलिस ने बताया कि कुल ₹17,52,010 विभिन्न ऑनलाइन ट्रांज़ैक्शनों के जरिए 2 जनवरी, 2025 को निकाल लिए गए थे। यह मामला अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया है और पुलिस जांच कर रही है कि किसने यह फ्रॉड किया।

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने कहा कि मामला भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

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इस मामले में विशेष चिंता का विषय यह है कि पीड़ित सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, और उनके खातों से इतनी बड़ी राशि की ऑनलाइन चोरी से सुरक्षा और डिजिटल ट्रांज़ैक्शन प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त अधिकारियों को ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानियां और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण जरूरी हैं। बैंक और वित्तीय संस्थाओं को भी डिजिटल लेनदेन में असामान्य गतिविधियों की तुरंत निगरानी करनी चाहिए।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते और ऑनलाइन लेनदेन के मामलों में सावधानी और नियमित निगरानी रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि के तुरंत साइबर क्राइम शाखा या बैंक को सूचित करें।

फिलहाल, होशियारपुर पुलिस और साइबर क्राइम टीम मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपी की पहचान कर उन्हें कानूनी कार्रवाई के तहत लाने के प्रयास जारी हैं।

यह घटना एक चेतावनी है कि डिजिटल लेनदेन में सुरक्षा की कमी कितनी बड़ी वित्तीय हानि का कारण बन सकती है। ऐसे मामलों में पुलिस और वित्तीय संस्थाओं की समानांतर प्रतिक्रिया से ही पीड़ितों को न्याय मिल सकता है और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सकती है।

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