न्यूयॉर्क। अमेरिकी authorities ने 11 भारतीय नागरिकों के खिलाफ वीजा धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है, जिनपर आरोप है कि उन्होंने गैर-आव्रजन दर्जा प्राप्त करने के लिए अमेरिका के विभिन्न राज्यों में फर्जी डकैती की साजिश रची। आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र में दावा किया गया है कि इन लोगों ने कई स्टोर्स और रेस्तरां में नकली हथियारबंद डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया, ताकि वे यू वीजा के लिए आवेदन करते समय खुद को हिंसक अपराध का शिकार दिखा सकें।
ये सभी आरोपी अमेरिका के मैसाचुसेट्स, केंटुकी, और ओहायो जैसे राज्यों में अवैध रूप से रह रहे थे। इनकी साजिश का मुख्य उद्देश्य था—गैर-आव्रजन दर्जा प्राप्त करने के लिए एक वैध कारण प्रस्तुत करना, जो उन्हें अमेरिका में काम करने की अनुमति और ग्रीन कार्ड दिला सकता था।
आरोपियों में 39 वर्षीय जीतेंद्रकुमार पटेल, 36 वर्षीय महेशकुमार पटेल, 45 वर्षीय संजयकुमार पटेल, 40 वर्षीय दीपिकाबेन पटेल, 52 वर्षीय रमेशभाई पटेल, 43 वर्षीय अमिताबहेन पटेल, 28 वर्षीय रौनककुमार पटेल, 36 वर्षीय संगीताबेन पटेल, 42 वर्षीय मिंकेश पटेल, 42 वर्षीय सोनल पटेल, और 40 वर्षीय मितुल पटेल शामिल हैं। इन सभी पर फर्जी डकैती की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का आरोप है।
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फर्जी डकैती की साजिश
आरोप पत्र के अनुसार, मार्च 2023 में रामभाई और उसके सह-साजिशकर्ताओं ने मैसाचुसेट्स, ओहायो, और केंटुकी में कम से कम छह स्थानों पर फर्जी हथियारबंद डकैती की साजिश रचकर उसे अंजाम दिया। इन घटनाओं में स्टोर्स, शराब की दुकानों और फास्ट फूड रेस्तरां शामिल थे। इन फर्जी डकैतियों का मुख्य उद्देश्य था कि वहां काम कर रहे कर्मचारियों को बाद में हिंसक अपराध का शिकार बताते हुए यू वीजा के लिए आवेदन किया जा सके।
यू वीजा एक विशेष प्रकार का वीजा होता है, जो हिंसक अपराध का शिकार हुए व्यक्तियों को अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देता है। अगर किसी व्यक्ति को यू वीजा मिल जाता है, तो उसे अमेरिका में काम करने का अधिकार मिलता है और लगभग पांच से 10 वर्षों के भीतर ग्रीन कार्ड प्राप्त करने का रास्ता भी खुल जाता है।
गैर-आव्रजन दर्जा और ग्रीन कार्ड के फायदे
यू वीजा प्राप्त करने के बाद, किसी व्यक्ति को अमेरिका में काम करने की अनुमति मिल जाती है, और इसके बाद वह ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है। ग्रीन कार्ड मिलने पर वह व्यक्ति स्थायी रूप से अमेरिका में रह सकता है। यह वीजा प्रणाली विशेष रूप से उन लोगों के लिए बनाई गई है, जो हिंसक अपराधों का शिकार हुए हैं और जिनकी मदद से पुलिस जांच को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, आरोपियों ने इस प्रणाली का गलत फायदा उठाने का प्रयास किया और फर्जी डकैती की घटनाओं के जरिए अपने अपराधों को छिपाने की कोशिश की।
संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई
अमेरिकी अधिकारियों ने इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई की है और जांच जारी है। मामले में संबंधित राज्य पुलिस और अमेरिकी वीजा अथॉरिटी की विशेष टीमें जांच में शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वीजा धोखाधड़ी और यू वीजा सिस्टम के दुरुपयोग की गंभीरता को उजागर करता है।
न्यायिक कार्रवाई की संभावना
अब इस धोखाधड़ी के मामले में आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, और अमेरिकी न्याय प्रणाली से उनके खिलाफ कड़ी सजा की उम्मीद की जा रही है। इस मामले में, आरोपी व्यक्तियों को अमेरिका में उनके द्वारा किए गए अपराधों के लिए सजा का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें वीजा धोखाधड़ी और अवैध रूप से अमेरिका में रहने के आरोप शामिल हैं।
