गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर के संवेदनशील स्थलों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजने वाले छह आरोपियों को गाजियाबाद में गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक महिला भी शामिल है। आरोपियों से बरामद आठ मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों से पता चला है कि ये लोग पिछले एक साल में कम से कम 50 वीडियो पाकिस्तान में बैठे अपने सरगना को भेज चुके हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दिल्ली के रेलवे स्टेशनों, बीएसएफ और सीआरपीएफ के मुख्यालय सहित अन्य संवेदनशील स्थानों की फोटो और वीडियो बनाई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उन्होंने कुछ स्थानों पर आईपी सोलर कैमरे भी लगाए थे और वहां की लाइव वीडियो सीधे पाकिस्तान भेजते थे। फिलहाल आरोपियों ने केवल एक स्थान पर ऐसे कैमरे लगाए होने की जानकारी दी है। इसकी जांच में पता चलेगा कि कितनी जगहों पर कैमरे लगाए गए थे।
पुलिस ने शनिवार सुबह भोवापुर तिराहा के पास से मेरठ के परतापुर निवासी सुहेल मलिक, भोवापुर निवासी प्रवीन, राज, शिवा और रितिक को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद आनंद विहार बॉर्डर से संभल निवासी साने इरम उर्फ महक को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के मोबाइल में पाकिस्तान के नंबर से चैट और संवेदनशील ठिकानों के फोटो-वीडियो की पुष्टि हुई।
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गिरोह की कार्यप्रणाली और महिला का रोल
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह में कुछ और युवतियां भी शामिल हो सकती हैं। इरम मुख्य रूप से नए युवाओं को गिरोह में शामिल करने और फोटो-वीडियो बनाने के लिए उन्हें चिन्हित करती थी। शुरुआती लेन-देन में आरोपियों को रुपये मिलते थे, जिससे वे बिना सवाल किए गिरोह के निर्देश मानते थे। आरोपियों ने पड़ोसियों को बताया था कि यह काम पैसे के लिए किया जा रहा है और कुछ लोग उन्हें जोड़ने के प्रयास में थे। स्थानीय लोगों की सतर्कता से पुलिस तक सूचना पहुंची और बड़ी साजिश का खुलासा हुआ।
एजेंसियों की कार्रवाई
आरोपियों के पकड़े जाने की सूचना तुरंत खुफिया एजेंसियों को दी गई। एटीएस और आईबी के साथ स्थानीय खुफिया टीम मौके पर पहुंची और आरोपियों से लंबी पूछताछ की। पूछताछ में यह पता चला कि आरोपी लगभग एक साल से पाकिस्तान में बैठे मास्टर माइंड के संपर्क में थे। बातचीत मुख्य रूप से व्हाट्सऐप चैट के जरिए होती थी। मास्टर माइंड हर सदस्य से सीधे संपर्क में रहता था और अलग-अलग स्थानों की फोटो-वीडियो की मांग करता था। आरोपियों ने आदेशानुसार यह सामग्री पाकिस्तान भेजी।
पुलिस के मुताबिक, सुहेल के खाते में ही पाकिस्तान से रकम आने की जानकारी मिली है। अन्य आरोपियों के बैंक खातों की जांच जारी है। शनिवार शाम सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया।
संवेदनशील स्थानों की निगरानी
आरोपियों के मोबाइल से दिल्ली स्थित आनंद विहार रेलवे स्टेशन, दिल्ली कैंटोनमेंट, बीएसएफ और सीआरपीएफ मुख्यालय समेत अन्य संवेदनशील स्थानों के 20 से अधिक लोकेशन के 50 वीडियो और कई फोटो बरामद हुए हैं। सभी डिजिटल साक्ष्य दिल्ली में अलग-अलग स्थानों से ही प्राप्त हुए हैं। पुलिस जांच कर रही है कि क्या दिल्ली में किसी घटना को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी। इस घटना को पिछले साल लाल किला के पास हुए धमाके से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
सार्वजनिक सतर्कता से बड़ी कामयाबी
अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय लोगों की सतर्कता और समय पर सूचना के कारण यह बड़ी साजिश सामने आई। गिरफ्तार आरोपियों से अब विस्तृत पूछताछ और फॉरेंसिक जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह में और कितने सदस्य शामिल हैं और किस-किस संवेदनशील स्थल की जानकारी पाकिस्तान भेजी गई।
