नई दिल्ली। ₹228 करोड़ के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में कारोबारी जय अनमोल अंबानी से शुक्रवार को लंबी पूछताछ की गई। जांच के तहत उन्हें दिल्ली स्थित मुख्यालय में बुलाया गया, जहां अधिकारियों ने करीब छह घंटे तक उनसे पूछताछ कर मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार मामले में उनसे जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन को लेकर कई सवाल पूछे गए।
जांच से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के बाद उन्हें शनिवार को फिर से पेश होने के लिए कहा गया है, ताकि मामले से जुड़े कुछ अन्य बिंदुओं पर भी स्पष्टीकरण लिया जा सके। यह मामला एक कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेनदेन की जांच की जा रही है।
पिछले वर्ष दर्ज हुआ था मामला
जांच एजेंसी ने इस मामले में 6 दिसंबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया था। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि Reliance Home Finance Limited (RHFL) से जुड़े कुछ लेनदेन में वित्तीय अनियमितताएं हुईं।
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मामले में कंपनी के तत्कालीन निदेशक जय अनमोल अंबानी, तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पूर्णकालिक निदेशक रविंद्र सुधालकर सहित अन्य व्यक्तियों को नामजद किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ वित्तीय लेनदेन के दौरान बैंकिंग नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया, जिससे बड़े पैमाने पर वित्तीय नुकसान हुआ।
सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कई दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं का मानना है कि संदिग्ध लेनदेन और वित्तीय निर्णयों की श्रृंखला को समझने के लिए संबंधित अधिकारियों और कंपनी से जुड़े लोगों के बयान महत्वपूर्ण हैं।
छह घंटे तक चली पूछताछ
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को हुई पूछताछ के दौरान कंपनी के वित्तीय फैसलों, कर्ज वितरण, और संबंधित दस्तावेजों को लेकर विस्तृत सवाल पूछे गए। अधिकारियों ने यह जानने की कोशिश की कि संबंधित वित्तीय निर्णय कैसे लिए गए और किन परिस्थितियों में यह लेनदेन हुआ।
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पूछताछ का उद्देश्य मामले से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना और यह समझना है कि कथित अनियमितताओं के पीछे कौन-कौन से कारक जिम्मेदार थे। इसके लिए वित्तीय दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य संबंधित साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
जांच में अन्य पहलुओं की भी पड़ताल
सूत्रों के मुताबिक इस मामले में वित्तीय लेनदेन के कई पहलुओं की जांच की जा रही है। इसमें कर्ज स्वीकृति की प्रक्रिया, फंड के उपयोग और विभिन्न खातों के बीच धन के प्रवाह की पड़ताल शामिल है।
जांचकर्ताओं का कहना है कि मामले से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर अन्य संबंधित व्यक्तियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
वित्तीय मामलों में बढ़ी सख्ती
हाल के वर्षों में बड़े वित्तीय लेनदेन और कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों ने निगरानी और सख्ती बढ़ाई है। बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संदिग्ध मामलों की विस्तृत जांच की जा रही है।
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जांच से बैंकिंग व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने और निवेशकों के हितों की सुरक्षा में मदद मिलती है। साथ ही कॉरपोरेट क्षेत्र में वित्तीय अनुशासन और नियामकीय अनुपालन को मजबूत करने का भी प्रयास होता है।
आगे की पूछताछ अहम
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार शनिवार को होने वाली पूछताछ में मामले से जुड़े कुछ अतिरिक्त दस्तावेजों और लेनदेन के बारे में भी जानकारी ली जा सकती है। अधिकारियों का मानना है कि इससे जांच की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल यह मामला जांच के चरण में है और संबंधित तथ्यों की पड़ताल जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में किस स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
