राउटर और IoT डिवाइस को चुपचाप कब्जे में लेकर चलाए जा रहे साइबर हमले; बिना केंद्रीय सर्वर के काम करने से रोकना बेहद मुश्किल

‘KadNap’ बॉटनेट का नया साइबर हथियार: 14 हजार से ज्यादा डिवाइस हैक कर अपराधियों ने बनाया वैश्विक हमला नेटवर्क

Team The420
5 Min Read

नई दिल्ली। दुनिया भर में साइबर अपराधियों ने एक बेहद खतरनाक और पहले कभी न देखे गए साइबर हथियार का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। सुरक्षा शोधकर्ताओं ने खुलासा किया है कि ‘KadNap’ नाम का एक नया बॉटनेट 14 हजार से अधिक इंटरनेट-कनेक्टेड डिवाइस को हैक कर चुका है और इन्हें बड़े पैमाने पर साइबर हमलों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

साइबर सुरक्षा कंपनी Lumen की एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि यह बॉटनेट खासतौर पर घरों और छोटे कार्यालयों में इस्तेमाल होने वाले राउटर और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) डिवाइस को निशाना बनाता है। इनमें बड़ी संख्या में Asus कंपनी के राउटर शामिल हैं। एक बार संक्रमित होने के बाद ये डिवाइस अपराधियों के नियंत्रण में आ जाते हैं और उनके नेटवर्क का हिस्सा बनकर इंटरनेट ट्रैफिक को हमलों के लिए इस्तेमाल करने लगते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक बॉटनेट दरअसल ऐसे संक्रमित डिवाइसों का नेटवर्क होता है जिन्हें हैक कर एक साथ जोड़ दिया जाता है। इसके जरिए अपराधी बड़े पैमाने पर डिस्ट्रीब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस (DDoS) हमले करते हैं। ऐसे हमलों में किसी वेबसाइट या ऑनलाइन सेवा पर अचानक अत्यधिक ट्रैफिक भेजा जाता है, जिससे सर्वर ओवरलोड हो जाता है और वेबसाइट या डिजिटल सेवा ठप पड़ जाती है।

FutureCrime Summit 2026: Registrations to Open Soon for India’s Biggest Cybercrime Conference

रिपोर्ट के अनुसार KadNap बॉटनेट की सबसे खतरनाक खासियत इसका डिसेंट्रलाइज्ड पीयर-टू-पीयर ढांचा है। आमतौर पर कई बॉटनेट एक केंद्रीय सर्वर से नियंत्रित होते हैं, जिसे बंद करके पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सकता है। लेकिन KadNap में ऐसा कोई केंद्रीय सर्वर नहीं है। हर संक्रमित डिवाइस दूसरे डिवाइस से सीधे जुड़ा होता है, जिससे पूरे नेटवर्क को खत्म करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक समाज में इंटरनेट से जुड़े उपकरणों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्मार्ट टीवी, स्मार्ट फ्रिज, राउटर, सीसीटीवी कैमरा और घरेलू नेटवर्क डिवाइस लगातार ऑनलाइन रहते हैं। इन उपकरणों में मौजूद सुरक्षा कमजोरियों का फायदा उठाकर साइबर अपराधी आसानी से इन्हें अपने नेटवर्क का हिस्सा बना सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक KadNap बॉटनेट के ज्यादातर संक्रमित डिवाइस अमेरिका में पाए गए हैं। हालांकि जांच में ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, रूस और यूरोप के कई देशों में भी इसके शिकार डिवाइस मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संख्या वास्तविकता में इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि कई मामलों में उपयोगकर्ता को पता ही नहीं चलता कि उसका डिवाइस संक्रमित हो चुका है।

घरेलू राउटर के मालिकों के लिए इस तरह का संक्रमण लगभग अदृश्य होता है। अधिकांश मामलों में उपयोगकर्ता को केवल इतना महसूस हो सकता है कि इंटरनेट की गति कभी-कभी धीमी हो रही है। इसके अलावा कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिलता कि राउटर किसी साइबर हमले के नेटवर्क का हिस्सा बन चुका है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि KadNap बॉटनेट से जुड़े संक्रमित डिवाइसों को एक ऑनलाइन सेवा के जरिए बेचा भी जा रहा है। इस सेवा के माध्यम से साइबर अपराधी इन डिवाइसों का इस्तेमाल अलग-अलग तरह के हमलों के लिए कर सकते हैं। इनमें पासवर्ड क्रैक करने के लिए ब्रूट-फोर्स हमले, नेटवर्क स्कैनिंग और खास संगठनों पर लक्षित साइबर हमले शामिल हैं।

प्रख्यात साइबर क्राइम विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि इंटरनेट से जुड़े उपकरणों की तेजी से बढ़ती संख्या साइबर अपराधियों के लिए नया अवसर बनती जा रही है। उनके मुताबिक, “आज अधिकांश घरों और छोटे संस्थानों में लगे राउटर और IoT डिवाइस सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त रूप से अपडेट नहीं होते। अपराधी इन्हीं कमजोरियों का फायदा उठाकर उन्हें बॉटनेट नेटवर्क का हिस्सा बना लेते हैं और फिर इनसे बड़े पैमाने पर साइबर हमले कराते हैं।”

उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे बॉटनेट से निकलने वाला ट्रैफिक आम उपयोगकर्ताओं के इंटरनेट कनेक्शन से आता दिखाई देता है, इसलिए सुरक्षा सिस्टम के लिए वास्तविक हमलावर की पहचान करना बेहद कठिन हो जाता है। यही वजह है कि इस तरह के हमले पारंपरिक साइबर सुरक्षा तंत्र को भी चुनौती देते हैं।

विशेषज्ञों ने उपयोगकर्ताओं को सलाह दी है कि अपने राउटर और IoT उपकरणों के फर्मवेयर को नियमित रूप से अपडेट करें, डिफॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें और नेटवर्क सुरक्षा सेटिंग्स को मजबूत रखें। ऐसा करने से इस तरह के बड़े पैमाने पर होने वाले साइबर हमलों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

हमसे जुड़ें

Share This Article