उत्तर प्रदेश के सीतापुर में क्रिप्टोकरेंसी और शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले गिरोह पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। जांच के दौरान आरोपियों की अवैध कमाई से खरीदी गई संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें कुर्क करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
इसी क्रम में बुधवार को उन्नाव जिले में करीब ₹1 करोड़ कीमत की जमीन और ₹30 लाख की एक कार कुर्क की गई। इस कार्रवाई के बाद इस मामले में अब तक कुल ₹5.11 करोड़ की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब सीतापुर निवासी विराट राठौर ने शिकायत दर्ज कराई कि एक कंपनी ने क्रिप्टो निवेश और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर उनसे बड़ी रकम निवेश कराई और बाद में भुगतान बंद कर दिया।
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शिकायत के आधार पर दर्ज मुकदमे में जयप्रकाश मौर्य, उसकी पत्नी आशा देवी, देवेंद्र मौर्य, दयाशंकर मौर्य और दीपिका मौर्य समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया। आरोप है कि इन लोगों ने सुनियोजित तरीके से निवेशकों को जाल में फंसाकर करीब ₹50 करोड़ की ठगी की।
उन्नाव और सीतापुर में संपत्तियों की पहचान
जांच के दौरान आरोपियों की अपराध से अर्जित संपत्तियों का पता लगाया जा रहा था। इसी प्रक्रिया में उन्नाव जिले की हसनगंज तहसील के पिछवाड़ा गांव में स्थित एक जमीन की पहचान की गई, जिसकी कीमत करीब ₹1 करोड़ आंकी गई।
इस जमीन को कुर्क करने के साथ ही आरोपियों की एक ₹30 लाख कीमत की कार भी जब्त की गई।
इससे पहले जांच एजेंसियां सीतापुर में करीब ₹3 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर चुकी हैं, जबकि ₹51 लाख बैंक खातों में फ्रीज किए जा चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों की अन्य संपत्तियों की भी पहचान की जा रही है और आगे भी कुर्की की कार्रवाई जारी रह सकती है।
‘बॉम्बिटेक्स’ एप से फैलाया गया ठगी का नेटवर्क
जांच में सामने आया कि ठगी का यह पूरा नेटवर्क ‘बॉम्बिटेक्स’ नाम की कंपनी और मोबाइल एप के जरिए संचालित किया जा रहा था। कंपनी को अक्टूबर 2024 में रजिस्टर किया गया था और इसके लिए एक वेबसाइट भी बनाई गई थी।
निवेशकों को बताया जाता था कि इस प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने पर उन्हें हर महीने 15 प्रतिशत तक का मुनाफा मिलेगा।
लोगों को आकर्षित करने के लिए शुरुआत में कुछ निवेशकों को नकली मुनाफा दिखाया गया, जिससे दूसरों का भरोसा बढ़े और वे भी निवेश करने के लिए प्रेरित हों।
जनवरी 2025 में कंपनी ने नई स्कीम पेश करते हुए कमीशन को 15 प्रतिशत से घटाकर 7.5 प्रतिशत कर दिया और निवेशकों को बताया गया कि यह नई योजना ज्यादा स्थिर और सुरक्षित है।
दो नए एप लॉन्च कर बढ़ाया जाल
इसके बाद कंपनी को दो हिस्सों में बांटकर ‘बॉम्बिटेक्स ट्रेडिंग एप’ और ‘बॉम्बिटेक्स प्रो एप’ नाम से दो नए डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए गए।
निवेश करने वाले लोगों को यूजर आईडी और पासवर्ड दिए जाते थे, जिनसे लॉगिन करने पर वेबसाइट या एप पर उनके निवेश और मुनाफे के आंकड़े दिखाई देते थे।
हालांकि जांच में पता चला कि यह सिर्फ वेबसाइट या एप पर दिखने वाले फर्जी आंकड़े थे। असल में निवेशकों से जमा कराया गया पैसा दूसरे माध्यमों से बाहर भेज दिया जाता था।
हवाला के जरिए दुबई भेजा गया पैसा
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि निवेशकों से जुटाई गई रकम को हवाला नेटवर्क के जरिए दुबई भेजा जाता था। वहां इस पैसे से संपत्तियां खरीदी गईं और नेटवर्क को विस्तार देने में इस्तेमाल किया गया।
अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय कड़ियों की भी जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य एजेंसियों की मदद ली जा सकती है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
साइबर और वित्तीय अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर चल रहे कई प्लेटफॉर्म केवल लोगों को फंसाने के लिए बनाए जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार निवेश से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि प्लेटफॉर्म फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट में पंजीकृत हो और उसकी कानूनी स्थिति स्पष्ट हो।
कम समय में अत्यधिक या गारंटीड मुनाफे का दावा करने वाली योजनाओं से सावधान रहना चाहिए। साथ ही किसी भी निवेश से पहले कंपनी का सीआईएन नंबर और रजिस्ट्रेशन विवरण जरूर जांच लेना चाहिए।
जांच एजेंसियों का कहना है कि इस मामले में आगे भी संपत्तियों की पहचान और कुर्की की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि ठगी के शिकार लोगों को न्याय दिलाया जा सके।
