फ्नोम पेन्ह। दक्षिण-पूर्व एशिया में तेजी से फैल रहे ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क पर कंबोडिया सरकार ने बड़ा अभियान शुरू करने का दावा किया है। अधिकारियों का कहना है कि देश में चल रहे कुख्यात साइबर ठगी केंद्रों को खत्म करने के लिए व्यापक कार्रवाई की जा रही है और अप्रैल के अंत तक सभी स्कैम सेंटर बंद कर दिए जाएंगे।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार जुलाई से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक करीब 250 संदिग्ध ठिकानों को निशाने पर लिया गया है। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत यानी करीब 200 स्थानों को बंद किया जा चुका है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले हफ्तों में बाकी ठिकानों पर भी कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
कंबोडिया में ऑनलाइन स्कैम इंडस्ट्री पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है और इसे अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से जुड़ा बड़ा नेटवर्क माना जाता है। साइबर ठग यहां से दुनिया भर के लोगों को निशाना बनाते हैं, जिनमें रोमांस स्कैम, निवेश ठगी और क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड जैसे कई तरीके शामिल हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि इन स्कैम सेंटरों के खिलाफ हालिया कार्रवाई के दौरान 79 कानूनी मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में कथित तौर पर स्कैम नेटवर्क से जुड़े 697 संदिग्ध सरगनाओं और सहयोगियों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसियां इन नेटवर्क से जुड़े वित्तीय और तकनीकी ढांचे की भी पड़ताल कर रही हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान अब तक 23 देशों के लगभग 10,000 लोगों को स्कैम सेंटरों से मुक्त कर उनके देशों में वापस भेजा गया है। इनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे जिन्हें नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया लाया गया था और बाद में उन्हें ऑनलाइन ठगी करने के लिए मजबूर किया गया।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इस नेटवर्क का एक गंभीर पहलू मानव तस्करी भी है। रिपोर्टों में सामने आया है कि कई लोगों को आकर्षक नौकरी के प्रस्ताव देकर विदेश से बुलाया जाता है और बाद में उन्हें बंद परिसरों में जबरन काम करने पर मजबूर किया जाता है। कई स्कैम कंपाउंडों में ऊंची दीवारें, कंटीले तार और बंद खिड़कियां होती हैं ताकि वहां काम करने वाले लोग भाग न सकें।
हाल ही में राजधानी फ्नोम पेन्ह में एक ऊंची इमारत में स्थित संदिग्ध स्कैम सेंटर पर छापेमारी के दौरान लगभग 60 लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान वहां बड़ी संख्या में कंप्यूटर, मोबाइल उपकरण और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ स्कैम सेंटरों में अपराधी ऑनलाइन ठगी के लिए अलग-अलग देशों की पुलिस या सरकारी एजेंसियों के रूप में खुद को पेश करते थे। कई मामलों में नकली पुलिस वर्दी, पहचान पत्र और फर्जी कार्यालय सेट-अप का इस्तेमाल कर पीड़ितों को डराकर पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश की जाती थी।
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार दक्षिण-पूर्व एशिया में फैले इन स्कैम नेटवर्कों के जरिए हर साल दुनिया भर के लोगों से दसियों अरब डॉलर की ठगी की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि महामारी के दौरान जब कई कैसीनो और पर्यटन से जुड़े कारोबार बंद हुए, तब इन परिसरों में ऑनलाइन ठगी का कारोबार तेजी से फैल गया।
हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने कंबोडिया सरकार के दावों पर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि इससे पहले भी कई बार स्कैम सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की गई, लेकिन नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। आलोचकों का मानना है कि असली चुनौती उन वित्तीय और संरक्षण नेटवर्क को खत्म करना है जो इस पूरे उद्योग को चलाते हैं।
साइबर अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन नेटवर्कों की आर्थिक और तकनीकी जड़ों को नहीं तोड़ा गया तो बंद किए गए सेंटर कुछ समय बाद फिर से सक्रिय हो सकते हैं। इसके अलावा स्वतंत्र जांच और पारदर्शिता की कमी के कारण कई बार सरकारी दावों की पुष्टि करना भी मुश्किल हो जाता है।
सरकार का कहना है कि अप्रैल के बाद भी निगरानी और दमनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी ताकि बंद किए गए स्कैम सेंटर दोबारा शुरू न हो सकें। अधिकारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी इस अभियान का अहम हिस्सा है और कई देशों के साथ मिलकर साइबर अपराध के इस नेटवर्क पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है।
