निजी कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ₹5 लाख लेने का आरोप; पूर्व विधायक ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया, पुलिस ने जांच शुरू की

नौकरी के बदले नकदी लेने के आरोप से बंगाल की राजनीति में हलचल: पूर्व मंत्री मानस भुइयां के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

Roopa
By Roopa
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब पूर्व मंत्री और पूर्व सबंग विधायक मानस भुइयां का नाम कथित नौकरी के बदले पैसे लेने से जुड़े एक धोखाधड़ी मामले में सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक निजी कंपनी में रोजगार दिलाने का आश्वासन देकर धन लिया गया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, जबकि पूर्व विधायक ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, मानस भुइयां, जिला परिषद के एक पदाधिकारी एसके अबू कलाम बक्स और भोलानाथ डे को मामले में नामजद किया गया है। शिकायतकर्ता, जो सबंग क्षेत्र का निवासी है, ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी को नौकरी दिलाने का भरोसा देकर परिवार से बड़ी रकम ली गई।

एफआईआर के मुताबिक, निजी कंपनी CISB Service Private Limited में नौकरी दिलाने के बदले कथित तौर पर ₹5 लाख की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसे भरोसा दिलाया गया था कि उसकी पत्नी को स्थायी रोजगार मिलेगा और नौकरी सुरक्षित रहेगी। इसी विश्वास के आधार पर परिवार ने कथित रूप से भुगतान किया।

शिकायत में कहा गया है कि महिला ने 1 मार्च को कंपनी में काम शुरू किया था। उसे मार्च माह का वेतन भी मिला, जिससे परिवार को लगा कि रोजगार प्रक्रिया वैध और स्थायी है। हालांकि कुछ ही सप्ताह बाद परिस्थितियां बदल गईं और कथित तौर पर 6 मई को उसे सूचित किया गया कि उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

नौकरी समाप्त होने के बाद शिकायतकर्ता ने पूरे मामले पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि रोजगार दिलाने के नाम पर उनसे धन लिया गया, लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क कर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि संबंधित नियुक्ति वैध भर्ती प्रक्रिया के तहत हुई थी या फिर यह कथित तौर पर धन के बदले नौकरी दिलाने की व्यवस्था का हिस्सा थी। पुलिस वित्तीय लेनदेन, बैंक रिकॉर्ड, भर्ती से जुड़े दस्तावेजों और पक्षों के बीच हुई बातचीत की जांच कर रही है।

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अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। शिकायतकर्ता सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही उन दस्तावेजों को भी एकत्र किया जा रहा है जो कथित भुगतान और भर्ती प्रक्रिया के बीच संबंध स्थापित कर सकते हैं।

इस बीच मामला कानूनी मोड़ भी ले चुका है। मानस भुइयां ने जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। अदालत में सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन कुछ आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।

राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहने वाले एक वरिष्ठ नेता का नाम सामने आने से मामले ने अतिरिक्त संवेदनशीलता प्राप्त कर ली है। हालांकि जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।

कानूनी जानकारों का कहना है कि नौकरी के बदले धन लेने के आरोप वाले मामलों में भुगतान के स्रोत, बैंकिंग रिकॉर्ड, नियुक्ति पत्र, रोजगार अनुबंध और संबंधित संचार का विस्तृत विश्लेषण महत्वपूर्ण होता है। जांच एजेंसियां यह स्थापित करने का प्रयास करती हैं कि धन वास्तव में लिया गया था या नहीं, उसका उद्देश्य क्या था और क्या किसी प्रकार का भ्रामक आश्वासन दिया गया था।

यह मामला देशभर में समय-समय पर सामने आने वाले रोजगार संबंधी धोखाधड़ी के आरोपों को भी फिर चर्चा में ले आया है। ऐसे मामलों में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को रोजगार का भरोसा देकर धन लेने के आरोप अक्सर सामने आते रहे हैं।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और अधिकारी सभी उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों तथा गवाहों के बयानों की जांच कर रहे हैं। आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही और जांच के निष्कर्ष इस बहुचर्चित मामले की दिशा तय करेंगे।

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