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H-1B फर्जीवाड़ा मामला: वापस लिए गए आवेदन पर भी जांच संभव, USCIS का नया ऐतिहासिक फैसला

Team The420
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वॉशिंगटन। अमेरिकी आप्रवास विभाग की USCIS (United States Citizenship and Immigration Services) ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि अगर कोई H-1B वीज़ा आवेदन वापस लिया जाता है, तो भी उस पर धोखाधड़ी की जांच हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला अब सभी भविष्य के मामलों पर लागू होगा और डबल रजिस्ट्रेशन या लॉटरियों में गड़बड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को सुनिश्चित करेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, कई कंपनियां संभावित कर्मचारियों की H-1B लॉटरियों में चयन बढ़ाने के लिए एक ही व्यक्ति के नाम पर कई आवेदन जमा करती हैं। इस प्रकार की गतिविधियों को धोखाधड़ी माना जाता है। हालिया मामले में, आईटी स्टाफिंग कंपनी Texperts ने एक डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर के लिए H-1B आवेदन किया। जब यह आवेदन लॉटरियों में चुना गया, USCIS ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि कंपनी ने संबंधित फर्मों के साथ मिलकर एक ही लाभार्थी के लिए डुप्लीकेट आवेदन जमा किए। Texperts ने आवेदन वापस ले लिया, लेकिन USCIS ने इसे धोखाधड़ी का मामला माना।

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इसके बाद, Texperts ने USCIS के फैसले के खिलाफ अपील की। USCIS Administrative Appeals Office ने कहा कि एजेंसी को अब भी आरोपित धोखाधड़ी की जांच करने का अधिकार है। Murthy Law Firm के अनुसार, “Texperts का यह निर्णय अब प्रेसीडेंट है। इसका मतलब है कि भविष्य में किसी भी आवेदन की वापसी को धोखाधड़ी के आरोप से बचने के लिए पर्याप्त नहीं माना जाएगा। एजेंसी को रिकॉर्ड के लिए ऐसे निष्कर्ष निकालने का अधिकार है। यह अब केवल अनौपचारिक प्रैक्टिस नहीं, बल्कि पॉलिसी का हिस्सा बन चुका है।”

विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला केवल H-1B मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी प्रकार की आप्रवासीय पिटीशनों पर लागू होगा। अब अगर किसी आवेदन को वापस लिया जाता है, तो अधिकारी यह जांच सकते हैं कि क्या इसका उद्देश्य धोखाधड़ी था।

भविष्य के मामलों में असर:

  • कोई भी कंपनी या पिटीशनर, जिसे धोखाधड़ी या गुमराह करने के आरोप में जांच का सामना करना पड़ रहा हो, केवल आवेदन वापस लेने से बच नहीं सकता।
  • आवेदन वापस लेने पर पिटीशनर को स्पष्ट और ठोस कारण देना होगा कि उसने कोई धोखाधड़ी या गुमराह करने वाली गतिविधि नहीं की।
  • हालांकि H-1B कर्मचारी स्वयं किसी डबल रजिस्ट्रेशन की जानकारी न रखता हो, वह इसके बावजूद अमेरिका में प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध का सामना कर सकता है।

विशेषज्ञों ने चेताया कि कंपनियों और कर्मचारियों को आवेदन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए और किसी भी तरह के शॉर्टकट या डुप्लीकेट लॉटरियों से बचना चाहिए।

इस फैसले के बाद, अमेरिकी आप्रवास प्रणाली में धोखाधड़ी के खिलाफ निवारक कार्रवाई और निगरानी को और कड़ा किया जाएगा। यह न केवल संभावित फर्जी कंपनियों के लिए चेतावनी है, बल्कि उन कर्मचारियों के लिए भी सुरक्षा सुनिश्चित करता है जो अनजाने में धोखाधड़ी के जाल में फंस सकते हैं।

USCIS का नया ऐतिहासिक फैसला स्पष्ट करता है कि H-1B आवेदन को वापस लेने से धोखाधड़ी की जांच से बचा नहीं जा सकता। यह निर्णय अब सभी आप्रवासीय पिटीशनों पर लागू होगा और डबल रजिस्ट्रेशन या लॉटरियों में गड़बड़ी करने वाली कंपनियों के लिए कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

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