बेंगलुरु के HSR लेआउट में सस्ते सोने का झांसा देकर ₹2 करोड़ की कथित ठगी, ज्वेलरी कारोबारी और सहयोगी पर गंभीर आरोप

₹2 करोड़ का गोल्ड फ्रॉड: सस्ते सोने के झांसे में फंसा ग्राहक, आरोपी खुलेआम कारोबार जारी रखने के आरोप

Team The420
5 Min Read

Bengaluru। शहर के HSR लेआउट इलाके में करीब ₹2 करोड़ की गोल्ड ठगी का मामला सामने आया है, जिसने ज्वेलरी कारोबार और उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित पुणीत ने आरोप लगाया है कि एक ज्वेलरी शॉप के मालिक और उसकी सहयोगी ने सस्ते दाम और कम वेस्टेज का लालच देकर उसे बड़े निवेश के लिए फंसाया और बाद में पूरा पैसा हड़प लिया।

शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि कार्रवाई की गति बेहद धीमी है और आरोपी अब भी खुलेआम अपना कारोबार चला रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने कानून के क्रियान्वयन और जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिश्तेदारी के भरोसे से शुरू हुआ सौदा, करोड़ों में पहुंचा खेल

पीड़ित के अनुसार, वह Sarjapur का निवासी है और एक पारिवारिक शादी के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहा था। इसी दौरान उसकी रिश्तेदार सविता रेड्डी ने उसे HSR लेआउट स्थित ‘एमपी ज्वेलर्स’ से संपर्क कराया। दुकान के मालिक इंद्रचंद ने उसे भरोसा दिलाया कि बाजार के मुकाबले कम कीमत और न्यूनतम वेस्टेज में सोना उपलब्ध कराया जाएगा।

FCRF Academy Launches Premier Anti-Money Laundering Certification Program

बताया गया कि 27 मार्च को पुणीत ने सविता रेड्डी के साथ दुकान पर जाकर करीब ₹2 करोड़ का सौदा तय किया। आरोपी ने उसे अगले दिन सोना लेने के लिए बुलाया, लेकिन जब वह वापस पहुंचा तो उसे टालमटोल जवाब मिलने लगे।

एक-दूसरे पर टालने से बढ़ा शक, खुली साजिश की परतें

पीड़ित के मुताबिक, दुकान पर पहुंचने के बाद उसे सविता रेड्डी से संपर्क करने को कहा गया, जबकि सविता ने उसे दोबारा ज्वेलर के पास भेज दिया। इस तरह की उलझन भरी स्थिति ने उसके संदेह को और गहरा कर दिया।

आगे की पड़ताल में सामने आया कि दोनों आरोपी कथित तौर पर मिलीभगत से इस धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे। आरोप है कि इस तरह के कई अन्य लेन-देन भी किए गए, जिनमें ज्यादातर भुगतान नकद में लिया गया ताकि किसी प्रकार की वित्तीय ट्रैकिंग से बचा जा सके।

नकद लेन-देन और पुराने मामलों की आशंका

जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी पहले भी इसी तरह के मामलों में शामिल हो सकते हैं। पीड़ित ने दावा किया है कि अन्य लोगों को भी इसी तरह सस्ते सोने के झांसे में फंसाकर ठगा गया।

नकद लेन-देन की प्रवृत्ति ने जांच को और जटिल बना दिया है, क्योंकि इससे वित्तीय ट्रेल कमजोर हो जाता है। अधिकारियों के सामने अब यह चुनौती है कि वे इस नेटवर्क के अन्य संभावित पीड़ितों और लेन-देन का पता लगाएं।

एफआईआर के बाद भी कार्रवाई पर सवाल

मामले में HSR Layout थाने में केस दर्ज किया गया है। पीड़ित का दावा है कि अदालत द्वारा जमानत खारिज किए जाने के बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी अभी भी अपनी दुकान चला रहा है, जिससे जांच की गंभीरता पर सवाल उठते हैं। पीड़ित ने शहर के पुलिस आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है और स्थानीय स्तर पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

ज्वेलरी सेक्टर में भरोसे का संकट

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामले ज्वेलरी उद्योग में भरोसे की नींव को कमजोर करते हैं। सोने जैसे उच्च मूल्य वाले उत्पाद में ग्राहक अक्सर भरोसे के आधार पर बड़े निवेश करते हैं, जिसका गलत फायदा उठाया जा सकता है।

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ और पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह के अनुसार, “आज के समय में धोखाधड़ी केवल डिजिटल माध्यमों तक सीमित नहीं है। पारंपरिक कारोबार में भी योजनाबद्ध तरीके से लोगों को टारगेट किया जा रहा है, जहां भरोसा सबसे बड़ा हथियार बनता है।”

जांच जारी, और खुलासों की संभावना

फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। वित्तीय दस्तावेजों, लेन-देन और संभावित नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।

यह मामला एक बार फिर यह संकेत देता है कि बड़े निवेश से पहले पूरी जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और भुगतान के सुरक्षित माध्यमों का उपयोग बेहद जरूरी है। वरना सस्ते सौदे का लालच भारी आर्थिक नुकसान में बदल सकता है।

हमसे जुड़ें

Share This Article