42 वर्षीय व्यक्ति और पत्नी ने 15 मई से 30 जुलाई के बीच किए कई ट्रांजेक्शन; ठगों ने निवेश के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म और ऐप का इस्तेमाल कराया, पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की

शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा, Thane के व्यक्ति से ₹20.31 लाख की साइबर ठगी; WhatsApp ग्रुप के जरिए फंसाया

Roopa
By Roopa
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ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शेयर बाजार में निवेश के जरिए भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 42 वर्षीय व्यक्ति से ₹20.31 लाख की कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित को पहले सोशल मीडिया के जरिए शेयर बाजार में निवेश पर आकर्षक रिटर्न का दावा करने वाला एक लिंक मिला। लिंक पर क्लिक करने के बाद उसे एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया, जहां कथित ठगों ने अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश करने के लिए उसे लगातार निर्देश दिए।

पीड़ित ने कथित तौर पर इस उम्मीद में लिंक पर क्लिक किया था कि निवेश से होने वाली अतिरिक्त आय उसके बच्चों की शिक्षा के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करेगी। WhatsApp ग्रुप में शामिल किए जाने के बाद उसे शेयर बाजार से जुड़े निवेश के नाम पर अलग-अलग गतिविधियां करने के लिए कहा गया। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान उसे एक एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए भी कहा गया, जिसे निवेश प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा बताया गया।

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित और उसकी पत्नी ने 15 मई से 30 जुलाई के बीच कई लेनदेन के जरिए कुल ₹20,31,047 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए। कथित ठगों ने निवेश पर आकर्षक रिटर्न का भरोसा दिलाया था। अधिक मुनाफे की उम्मीद में दंपति ने बताए गए निर्देशों का पालन करते हुए रकम ट्रांसफर की।

हालांकि, बाद में उन्हें न तो वादा किया गया मुनाफा मिला और न ही निवेश की मूल रकम वापस मिली। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की और उसे सफलता नहीं मिली, तब उसे संदेह हुआ कि वह कथित निवेश धोखाधड़ी का शिकार हो चुका है।

पीड़ित ने पहले साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद वह पुलिस थाने पहुंचा, जहां उसकी शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है जिनमें रकम भेजी गई थी। साथ ही पीड़ित से संपर्क करने वाले मोबाइल नंबर, WhatsApp ग्रुप, डिजिटल प्लेटफॉर्म और डाउनलोड कराए गए एप्लिकेशन की भी जांच की जा रही है।

जांचकर्ताओं का एक प्रमुख फोकस यह पता लगाने पर है कि WhatsApp ग्रुप को कौन संचालित कर रहा था और जिन बैंक खातों में रकम जमा हुई, वे किसी बड़े साइबर ठगी नेटवर्क के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे थे या नहीं। पुलिस ₹20.31 लाख की रकम के पूरे वित्तीय ट्रेल को भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रकम आगे किन खातों में भेजी गई।

इस मामले में अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, डिजिटल और वित्तीय जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ठाणे का यह मामला मुंबई और आसपास के इलाकों में सामने आ रही ऑनलाइन निवेश और साइबर ठगी की घटनाओं के बीच आया है। इसी दौरान दहिसर पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाकर की गई दो अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों में ठगी के तरीके अलग थे, जिनमें एक में फर्जी APK एप्लिकेशन और दूसरे में फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग केस का इस्तेमाल किया गया।

पहले मामले में बोरीवली ईस्ट निवासी 68 वर्षीय व्यक्ति को कथित तौर पर ₹9.98 लाख का नुकसान हुआ। आरोप है कि ठगों ने खुद को Mahanagar Gas Limited के प्रतिनिधि के रूप में पेश किया और गैस कनेक्शन बंद होने का डर दिखाकर बिल संबंधी जानकारी अपडेट करने को कहा। इसके बाद उन्हें एक APK फाइल भेजकर मोबाइल में इंस्टॉल करने के लिए कहा गया। पुलिस के मुताबिक, ऐप इंस्टॉल होने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर फोन तक अनधिकृत पहुंच हासिल कर बैंक खातों से रकम निकाल ली।

इस मामले में पुलिस ने जोगेश्वरी निवासी 21 वर्षीय आर्यन राजेश गुप्ता और वसई निवासी 24 वर्षीय अंकित संजय तिवारी को गिरफ्तार किया। जांच में कथित तौर पर ₹3.49 लाख गुप्ता से जुड़े Canara Bank खाते और ₹2 लाख तिवारी से जुड़े ICICI Bank खाते तक पहुंचने की जानकारी सामने आई।

दूसरे मामले में कामाठीपुरा निवासी 28 वर्षीय धीरजकुमार केसराम प्रजापति को गिरफ्तार किया गया। मामला दहिसर की 71 वर्षीय महिला से जुड़ा है, जिसे कथित तौर पर पुलिस अधिकारी बनकर फोन किया गया और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी गई। WhatsApp वीडियो कॉल के जरिए महिला पर लगातार नजर रखने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर उससे कथित तौर पर रकम ट्रांसफर कराई गई।

ठाणे का निवेश धोखाधड़ी मामला दिखाता है कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया लिंक, WhatsApp ग्रुप और फर्जी निवेश एप्लिकेशन के जरिए लोगों को शेयर बाजार में ऊंचे रिटर्न का लालच देकर निशाना बना रहे हैं। पुलिस अब पूरे डिजिटल और वित्तीय नेटवर्क की जांच कर कथित ठगों की पहचान करने में जुटी है।

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