वॉशिंगटन/साउथ कैरोलिना: अमेरिका के साउथ कैरोलिना स्थित सर्फसाइड बीच नगर प्रशासन को एक अत्याधुनिक बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज (BEC) साइबर हमले में 5,45,598 अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹4.69 करोड़) का नुकसान उठाना पड़ा। यह भुगतान भूमिगत यूटिलिटी परियोजना पर काम कर रही वाइल्डकैट कंस्ट्रक्शन को किया जाना था, लेकिन साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर ईमेल स्पूफिंग और फर्जी बैंक विवरण का इस्तेमाल कर राशि अपने नियंत्रण वाले बैंक खाते में ट्रांसफर करवा ली। घटना के बाद फॉरेंसिक जांच शुरू हुई, जबकि ठेकेदार कंपनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने जांच रिपोर्ट के कुछ निष्कर्षों पर सवाल उठाते हुए नगर प्रशासन पर चेतावनी संकेतों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
जांच के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब नगर प्रशासन और ठेकेदार कंपनी के बीच परियोजना भुगतान को लेकर नियमित ईमेल संवाद चल रहा था। इसी दौरान साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर कंपनी के कर्मचारी का रूप धारण करते हुए भुगतान का तरीका कागजी चेक से बदलकर ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (ACH) ट्रांसफर करने का अनुरोध भेजा। नगर प्रशासन ने अनुरोध को वास्तविक मानते हुए निर्धारित भुगतान यूटा स्थित एक बैंक खाते में भेज दिया, जबकि वह खाता वास्तविक ठेकेदार का नहीं था।
फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि अपराधियों ने नगर प्रशासन और ठेकेदार कंपनी के आधिकारिक ईमेल डोमेन से मिलते-जुलते फर्जी ईमेल डोमेन तैयार किए थे। इन्हीं स्पूफ किए गए ईमेल के माध्यम से भुगतान संबंधी निर्देश भेजे गए। जांचकर्ताओं को नगर प्रशासन के कंप्यूटर सिस्टम या उसके माइक्रोसॉफ्ट 365 खातों में किसी प्रकार की हैकिंग या अनधिकृत प्रवेश के प्रमाण नहीं मिले। इससे संकेत मिलता है कि अपराधियों ने तकनीकी सेंधमारी के बजाय सामाजिक अभियांत्रिकी (सोशल इंजीनियरिंग) और ईमेल प्रतिरूपण का सहारा लिया।
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जांच रिपोर्ट के मुताबिक फर्जी भुगतान अनुरोध ऐसे समय भेजा गया जब परियोजना का वास्तविक भुगतान होना भी निर्धारित था। इससे ईमेल अधिक विश्वसनीय प्रतीत हुआ। कथित फर्जी दस्तावेजों में नया बैंक खाता, संपर्क नंबर और कंपनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलिसा बोकर के हस्ताक्षर जैसे दिखने वाले हस्ताक्षर भी शामिल थे। नगर प्रशासन के एक कर्मचारी ने भुगतान से पहले वास्तविक ईमेल पते पर संदेश भेजकर पुष्टि करने का प्रयास भी किया था, लेकिन जांचकर्ताओं का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि प्राप्त उत्तर वास्तव में कंपनी की ओर से आया था या साइबर अपराधियों ने संचार श्रृंखला पर नियंत्रण कर लिया था।
वाइल्डकैट कंस्ट्रक्शन की CEO एलिसा बोकर ने नगर प्रशासन द्वारा सार्वजनिक की गई फॉरेंसिक रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि प्रशासन ने केवल उन ईमेल को सार्वजनिक किया जो उसके पक्ष को मजबूत करते थे, जबकि यह स्थापित नहीं किया गया कि वे संदेश वास्तव में कंपनी के सर्वर से भेजे गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ACH भुगतान परिवर्तन की पुष्टि उनके या कंपनी के किसी अधिकृत अधिकारी से सीधे फोन पर नहीं की गई। उनके अनुसार बड़ी राशि के भुगतान से पहले मौखिक सत्यापन एक सामान्य और आवश्यक व्यावसायिक सुरक्षा प्रक्रिया है।
दूसरी ओर नगर प्रशासन का कहना है कि स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच का उद्देश्य केवल यह पता लगाना था कि उसके सिस्टम से कोई साइबर सेंधमारी हुई या नहीं। जांच में नगर प्रशासन के नेटवर्क में किसी प्रकार की अनधिकृत पहुंच नहीं मिली। हालांकि अधिकारियों ने स्वीकार किया कि भुगतान से पहले अतिरिक्त सत्यापन किया जा सकता था, लेकिन इसे घटना के बाद की समीक्षा का विषय बताया। इस बीच ठेकेदार कंपनी का कहना है कि उसे अब तक परियोजना का भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है और विवाद के समाधान की उम्मीद है।
प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह के अनुसार बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज (BEC) आज वैश्विक स्तर पर सबसे खतरनाक वित्तीय साइबर अपराधों में से एक बन चुका है। अपराधी वास्तविक व्यावसायिक संवाद के बीच फर्जी ईमेल, नकली डोमेन और परिवर्तित बैंक विवरण भेजकर संस्थानों को भ्रमित करते हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में केवल ईमेल पर भरोसा करने के बजाय बहु-स्तरीय सत्यापन, अधिकृत अधिकारियों से स्वतंत्र टेलीफोनिक पुष्टि, डिजिटल हस्ताक्षर और भुगतान प्रक्रिया में अतिरिक्त सुरक्षा नियंत्रण लागू करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि इस प्रकार की संगठित साइबर वित्तीय धोखाधड़ी को रोका जा सके।
