हाल के वर्षों में अमेरिकी कंपनियों पर हुए सबसे गंभीर साइबर हमलों में से एक के तहत, Stryker Corporation को वैश्विक स्तर पर गंभीर व्यवधान का सामना करना पड़ा, जब ईरान से जुड़े हैकर्स ने कंपनी के नेटवर्क के 2 लाख से अधिक डिवाइस वाइप कर दिए। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस हमले को 11 मार्च को होने वाले Handala ग्रुप की कार्रवाई बताया, जिन्होंने स्टीकर के अपने इंटरनल सिस्टम का इस्तेमाल कर हमला किया, जिससे एंटरप्राइज सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच के अनुसार, हमलावरों ने एडमिनिस्ट्रेटर स्तर के अकाउंट्स को निशाना बनाया और उनका इस्तेमाल कर 79 देशों में फैले डिवाइस पर रिमोट वाइप कमांड जारी किया। प्रभावित डिवाइस में लैपटॉप, स्मार्टफोन और सर्वर शामिल थे, जिससे स्टीकर के आंतरिक वर्कफ्लो, ऑर्डरिंग और शिपिंग संचालन पर गंभीर असर पड़ा। विशेषज्ञों ने इसे “लिविंग ऑफ द लैंड” ऑपरेशन बताया, जिसमें हैकर्स ने मैलवेयर या रैंसमवेयर के बजाय वैध आंतरिक टूल्स का इस्तेमाल किया, effectively स्टीकर के सिस्टम को ही उसके खिलाफ मोड़ दिया।
“यह एक पांच-एलार्म फायर है,” Chris Krebs ने कहा। “यह हर संगठन के लिए चेतावनी है। कंपनियों को मान लेना चाहिए कि कोई भी सिस्टम सुरक्षित नहीं है और आपात स्थिति की तैयारी करनी चाहिए।”
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कर्मचारियों को तुरंत डिवाइस डिस्कनेक्ट करने का निर्देश दिया गया, जबकि कुछ ने बताया कि उनके सिस्टम रियल टाइम में वाइप हो गए। हैकर्स ने हमले से पहले लगभग 50 टेराबाइट कॉर्पोरेट डेटा चोरी करने का दावा भी किया, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांचकर्ताओं का मानना है कि फ़िशिंग या अन्य पहचान-आधारित हमलों के जरिए हाई-लेवल एडमिन कंट्रोल्स तक पहुंच बनाने के लिए क्रेडेंशियल्स से छेड़छाड़ की गई थी।
विशेषज्ञों ने कहा कि कुछ सिस्टम मिसकॉनफिगरेशन या कमजोरियां भी हमले में योगदान दे सकती हैं, हालांकि मुख्य रूप से इस घोटाले में एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सेस का शोषण हुआ। स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा क्षेत्र जैसी संवेदनशील इंडस्ट्रीज इस घटना पर बारीकी से नजर रख रही हैं।
हमले की विशालता के बावजूद, स्टीकर ने पुष्टि की कि उसके कनेक्टेड मेडिकल डिवाइस—जैसे LIFEPAK defibrillators device”], Mako surgical systems और Vocera platforms—सुरक्षित रहे, क्योंकि ये अलग नेटवर्क पर काम करते हैं।
इस हाई-प्रोफाइल साइबर हमला ने न केवल स्टीकर की वैश्विक आईटी संरचना की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि अन्य कंपनियों को भी संभावित खतरों के लिए सतर्क किया है।
