ऑपरेशन 'तूफान' के दौरान पुलिस को कॉल सेंटर से संचालित कथित ऑनलाइन लोन ऐप गिरोह का मिला सुराग; विदेशी नागरिकों समेत बड़ी संख्या में लोगों को बनाया गया निशाना, डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी

श्रीलंका में चीनी नागरिकों के बीच खूनी संघर्ष से साइबर ठगी नेटवर्क की जांच तेज: हत्या के बाद अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के तार खंगाल रही पुलिस

Roopa
By Roopa
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नई दिल्ली: श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में चीनी नागरिकों के दो समूहों के बीच हुए हिंसक संघर्ष और एक व्यक्ति की हत्या के बाद वहां की जांच एजेंसियों ने संगठित साइबर ठगी नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों की व्यापक जांच शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस का मानना है कि यह घटना केवल हत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसके तार सीमा-पार संचालित साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को कोलंबो क्राइम्स डिवीजन (CCD) को सौंप दिया गया है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार घटना के कुछ घंटों बाद पुलिस को एहेलियागोडा क्षेत्र में एक चीनी नागरिक का शव मिला। इसके बाद देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे दो संदिग्ध चीनी नागरिकों को बंदारानायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर घटना की पूरी साजिश और संभावित नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

प्रारंभिक जांच में मृतक के कथित तौर पर साइबर ठगी गतिविधियों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार घटना में शामिल कई चीनी नागरिक लगभग चार महीने पहले श्रीलंका पहुंचे थे, लेकिन उनके पास किसी वैध रोजगार या व्यावसायिक गतिविधि का रिकॉर्ड नहीं मिला। इसी तथ्य ने जांच एजेंसियों का संदेह और गहरा कर दिया है कि वे किसी संगठित अवैध नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।

पुलिस के अनुसार घटना से एक रात पहले तीन चीनी नागरिक मछली पकड़ने के लिए एक सस्पेंशन ब्रिज पर गए थे। देर रात लगभग 20 अन्य चीनी नागरिक वहां पहुंचे और कथित तौर पर हथियारों के बल पर उन्हें धमकाने के बाद हमला कर उनका अपहरण कर लिया। बाद में तीन में से दो लोगों को पोर्ट सिटी क्षेत्र से हाथ-पैर बंधी अवस्था में जीवित बरामद किया गया, जबकि तीसरे व्यक्ति का शव गंभीर चोटों के साथ मिला। पुलिस के अनुसार मृतक के हाथ-पैर बंधे हुए थे, आंखों पर पट्टी बांधी गई थी और शव को छिपाने के उद्देश्य से उसके ऊपर पत्थर रखे गए थे।

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जांच के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े होने के संदेह में दो वाहनों, जिनमें एक लग्जरी एसयूवी भी शामिल है, को जब्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि इन वाहनों की फोरेंसिक जांच और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से मामले के अन्य संदिग्धों और नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

जांच के दौरान अब चीनी ट्रायड (Chinese Triads) नामक संगठित आपराधिक सिंडिकेट का एंगल भी सामने आया है। जांचकर्ताओं का मानना है कि ये अंतरराष्ट्रीय अपराधी संगठन दुनिया के कई देशों में सक्रिय हैं और चीनी भाषी समुदायों के बीच विभिन्न प्रकार के संगठित अपराध संचालित करते हैं। श्रीलंका में हाल के महीनों में कई विदेशी नागरिकों को साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि देश में संचालित कुछ साइबर ठगी केंद्रों की निगरानी कथित तौर पर चीनी समन्वयकों द्वारा की जा रही थी।

प्रारंभिक खुफिया जानकारी के अनुसार लाओस, कंबोडिया और म्यांमार जैसे देशों में बड़े पैमाने पर संचालित ऑनलाइन ठगी नेटवर्क पहले से सक्रिय रहे हैं। इन नेटवर्कों में तथाकथित “पिग बुचरिंग” निवेश और रोमांस स्कैम जैसे मॉडल का इस्तेमाल कर लोगों से भारी रकम ठगी जाती रही है। विभिन्न देशों की कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद इन गिरोहों की गतिविधियों पर कुछ हद तक असर पड़ा, लेकिन अब जांच एजेंसियों को आशंका है कि ऐसे ही साइबर ठगी मॉडल श्रीलंका में भी सक्रिय हो सकते हैं।

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि दक्षिण-पूर्व एशिया में संगठित साइबर अपराध लगातार अपना स्वरूप बदल रहे हैं और विभिन्न देशों में नए ठिकाने तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमा-पार साइबर अपराध से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए देशों के बीच खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान, संयुक्त जांच और वित्तीय लेनदेन की निगरानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन निवेश, रोमांस और नौकरी के नाम पर होने वाली अंतरराष्ट्रीय ठगी से बचने के लिए लोगों को केवल सत्यापित प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करना चाहिए और किसी भी संदिग्ध प्रस्ताव पर बिना जांच के भरोसा नहीं करना चाहिए।

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