संबलपुर में फर्जी Facebook प्रोफाइल और ‘पैसा दोगुना’ करने वाली कथित मशीन के जरिए ₹25 लाख की ठगी के मामले में दो बहनों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

संबलपुर में ₹25 लाख की ठगी का खुलासा, दो बहनों समेत तीन गिरफ्तार; ‘पैसा दोगुना’ करने वाली मशीन से बनाया जाल

Team The420
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संबलपुर। ओडिशा के संबलपुर में साइबर अपराध और आर्थिक अपराध पुलिस ने बैंक अधिकारी से कथित ₹25 लाख की ठगी के मामले में दो महिलाओं और उनके भाई को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर पीड़ित से संपर्क किया और उसे निवेश की रकम दोगुनी करने वाली कथित मशीन का झांसा दिया। इसके बाद होटल में नकदी से भरा बैग बदलकर रकम लेकर फरार हो गए। मामले में पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश किया है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी झारसुगुड़ा जिले के बाबूपाड़ा के रहने वाले हैं और संबलपुर के ऐंठापाली थाना क्षेत्र के सिंघपाली में किराये के मकान में रह रहे थे। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर ठगी के तौर-तरीके यूट्यूब से सीखे और सोशल मीडिया के जरिए लोगों का भरोसा जीतने के बाद वारदात को अंजाम दिया।

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मामले की शिकायत 29 जून को राउरकेला निवासी एक निजी बीमा कंपनी के शाखा प्रबंधक ने साइबर पुलिस से की थी। शिकायत के अनुसार, पीड़ित से फेसबुक पर ‘दिशा अग्रवाल’ नाम की फर्जी प्रोफाइल के जरिए संपर्क किया गया। पुलिस का कहना है कि इस प्रोफाइल पर इस्तेमाल की गई तस्वीर गिरफ्तार महिला आरोपियों में से एक की थी। बातचीत बढ़ने के बाद उसे निवेश के लिए तैयार किया गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले संबलपुर के एक होटल में पीड़ित को बुलाया और वहां कथित मुद्रा छापने या रकम दोगुनी करने वाली मशीन का प्रदर्शन किया। मशीन और उसके इस्तेमाल के तरीके को देखकर पीड़ित कथित तौर पर उनके झांसे में आ गया। इसके बाद उसने अपने गृह ऋण खाते से ₹25 लाख निकाले और आरोपियों से मिलने के लिए अंगुल पहुंचा।

अंगुल के एक होटल में कथित तौर पर ठगी की योजना को अंजाम दिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ित को यह कहकर कुछ समय के लिए उलझाया कि यूएसबी ड्राइव और मोटरसाइकिल की चाबियां पीछे छूट गई हैं। इसी दौरान उन्होंने नकदी से भरा बैग एक समान दिखने वाले दूसरे बैग से बदल दिया। दूसरे बैग में नकदी के बजाय नोटपैड के बंडल रखे गए थे। आरोपी कथित तौर पर वहां से निकल गए और पीड़ित होटल में उनके लौटने का इंतजार करता रहा।

घटना के कुछ दिन बाद शिकायत दर्ज होने पर साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान और उनके ठिकाने का पता लगाया गया। पुलिस टीम ने गुरुवार रात सिंघपाली स्थित किराये के मकान पर दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

तलाशी के दौरान पुलिस ने ₹15.50 लाख नकद बरामद किए। इसके अलावा करीब ₹12 लाख मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, 20 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, टैबलेट, स्कूटर, फर्जी आधार कार्ड और अन्य सामान जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार, कुछ आभूषण कथित तौर पर ठगी की रकम से खरीदे गए थे, जबकि कुछ आभूषणों को वित्तीय संस्था के पास गिरवी रखे जाने के बाद छुड़ाया गया था।

पुलिस ने एक ब्लू-रे मशीन भी जब्त की है, जिसे कथित तौर पर मुद्रा छापने या पैसे दोगुने करने वाली मशीन के रूप में पीड़ित को दिखाया गया था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस उपकरण का इस्तेमाल कितने लोगों को ठगने के लिए किया गया और आरोपियों के संपर्क में और कौन लोग थे।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को राउरकेला में इसी तरह की एक अन्य कथित ठगी का भी पता चला है, जिसमें करीब ₹10 लाख की रकम से जुड़ा मामला सामने आया है। तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान अन्य संभावित पीड़ितों, ठगी से जुड़े नेटवर्क और कथित मशीन के इस्तेमाल की जानकारी जुटाई जाएगी।

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