पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला में प्रॉपर्टी सौदे के नाम पर ₹1.07 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सेक्टर-26 स्थित एक मकान को ₹5.25 करोड़ में बेचने का समझौता किया गया और शिकायतकर्ता ने इस सौदे के तहत कथित तौर पर ₹1.07 करोड़ का भुगतान किया। बाद में उसे पता चला कि इसी संपत्ति को लेकर पहले ही किसी अन्य खरीदार के साथ इकरारनामा किया जा चुका था और पुराने सौदे से जुड़ा विवाद अदालत में लंबित था। आर्थिक अपराध शाखा-1 ने मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 18 दिसंबर 2025 को सेक्टर-26 स्थित मकान को ₹5.25 करोड़ में खरीदने के लिए बिक्री समझौता किया था। समझौते के समय उसने कथित तौर पर ₹1 करोड़ बैंक के माध्यम से और ₹7 लाख नकद दिए। इस तरह संपत्ति के सौदे के तहत कुल ₹1.07 करोड़ की रकम का भुगतान किया गया।
FCRF Launches India-Focused BFSI Compliance Certification for Emerging Governance Professionals
शिकायतकर्ता का आरोप है कि समझौते के समय उसे भरोसा दिलाया गया था कि मकान किसी विवाद या तीसरे पक्ष के दावे से मुक्त है। उसे यह भी बताया गया था कि संपत्ति को लेकर पहले किसी अन्य व्यक्ति के साथ कोई समझौता नहीं हुआ है। इन आश्वासनों पर भरोसा करते हुए शिकायतकर्ता ने मकान खरीदने के लिए रकम का भुगतान किया।
बाद में जब शिकायतकर्ता ने संपत्ति के दस्तावेजों और पुराने लेनदेन की जानकारी हासिल की तो कथित गड़बड़ी सामने आई। जांच में पता चला कि इसी संपत्ति को लेकर 5 जनवरी 2024 को पहले ही एक अन्य खरीदार के साथ इकरारनामा किया जा चुका था। इस पुराने लेनदेन को लेकर अदालत में विवाद भी चल रहा था। आरोप है कि इस महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाकर शिकायतकर्ता के साथ नया समझौता किया गया और उससे ₹1.07 करोड़ की रकम ले ली गई।
मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा-1 ने की। पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान के साथ संपत्ति के दस्तावेज, बिक्री समझौता और पहले किए गए इकरारनामे की जांच की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पहले के खरीदार से जुड़े विवाद के संबंध में आरोपी पक्ष ने सेक्टर-14 थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने उस मामले से जुड़े दस्तावेजों और उपलब्ध अन्य तथ्यों की भी जांच की।
पुलिस के अनुसार, जांच में ऐसे तथ्य सामने आए जिनके आधार पर शिकायतकर्ता से संपत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी कथित तौर पर छिपाकर रकम लेने के आरोप की जांच आगे बढ़ाई गई। इसके बाद मुख्य आरोपी को 17 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शिकायतकर्ता से कथित तौर पर प्राप्त ₹1.07 करोड़ की रकम का इस्तेमाल कहां किया गया। इसके अलावा पुराने और नए संपत्ति समझौतों के बीच संबंध, संबंधित दस्तावेजों की तैयारी और लेनदेन में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच के दौरान आरोपी के पिता की भूमिका भी पुलिस के सामने आई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि संपत्ति के पुराने और नए सौदों में उनकी क्या भूमिका थी और क्या उन्हें शिकायतकर्ता के साथ किए गए समझौते तथा पहले से मौजूद इकरारनामे की जानकारी थी। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस संपत्ति से जुड़े सभी दस्तावेजों और दोनों सौदों की समय-सीमा की जांच जारी रखे हुए है। शिकायतकर्ता द्वारा दी गई रकम के लेनदेन, पहले खरीदार से जुड़े विवाद और संपत्ति के स्वामित्व तथा सौदे के इतिहास की भी पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।
