सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में खनन कारोबार में साझेदारी कर भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर सहकारिता विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी से ₹21 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीन लोगों ने खनन कंपनी में साझेदारी के फर्जी दस्तावेज दिखाकर पीड़ित को विश्वास में लिया और लाखों रुपये हड़प लिए। पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला सहारनपुर जिले का है, जहां मेरठ निवासी सुंदरपाल सिंह ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि वह सहकारिता विभाग में संयुक्त आयुक्त पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और वर्तमान में हस्तिनापुर में एक निजी स्कूल संचालित कर रहे हैं। कारोबार को विस्तार देने के लिए उन्हें बिहारीगढ़ क्षेत्र में जमीन की आवश्यकता थी। इसी सिलसिले में उनकी मुलाकात हरिद्वार के तेलपुरा निवासी बिलाल से हुई।
शिकायत के अनुसार, बिलाल ने उनकी मुलाकात अपने परिचित अब्दुल रहमान और बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के गेल्हेवाला, शेरपुर निवासी जुल्फान से कराई। आरोप है कि तीनों ने जमीन उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें खनन कारोबार में साझेदारी करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने दावा किया कि इस कारोबार में निवेश करने से उन्हें अच्छा मुनाफा मिलेगा।
पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों की बातों पर भरोसा कर उन्होंने मार्च 2026 में उन्हें ₹10 लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद आरोपियों ने कारोबार में और निवेश की जरूरत बताकर अलग-अलग किस्तों में बैंक खाते के माध्यम से ₹11 लाख रुपये और ले लिए। कुल ₹21 लाख रुपये लेने के बाद आरोपियों ने उन्हें साझेदारी से संबंधित कुछ दस्तावेज भी सौंपे।
कुछ समय बाद जब सुंदरपाल सिंह ने इन दस्तावेजों की जांच कराई तो कथित रूप से वे फर्जी पाए गए। इसके बाद उन्होंने आरोपियों से अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि पैसा लौटाने के बजाय आरोपियों ने उन्हें चुप रहने की धमकी दी और विरोध करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी दी।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए भरोसा जीतने का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने निवेश के नाम पर पीड़ित को फर्जी कागजात दिखाकर विश्वास में लिया। जांच एजेंसी अब दस्तावेजों की सत्यता, बैंक खातों में हुए लेनदेन और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपियों ने इससे पहले किसी अन्य व्यक्ति को इसी तरह निवेश के नाम पर निशाना बनाया है या नहीं।
सहारनपुर में चोरी की दो अन्य घटनाएं भी सामने आईं
इसी बीच सहारनपुर जिले में चोरी की दो अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। पहली घटना में मसूरी घूमकर लौट रहे हरियाणा के पानीपत निवासी एक पर्यटक से लिफ्ट लेने वाले व्यक्ति पर बाइक और आईफोन चोरी करने का आरोप लगा है।
पीड़ित दीपक के अनुसार, देहरादून में उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई थी, जिसने मुजफ्फरनगर तक जाने के लिए लिफ्ट मांगी थी। रास्ते में दोनों एक ढाबे पर रुके, जहां शराब पीने के बाद थकान के कारण दीपक सो गया। आरोप है कि इसी दौरान दूसरा व्यक्ति उसकी बुलेट बाइक और आईफोन लेकर फरार हो गया।
दूसरी घटना में बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के एलिवेटेड रोड पर दुर्घटनाग्रस्त खड़ी टाटा सफारी कार से कीमती सामान चोरी होने का मामला सामने आया है। कार मालिक ने बताया कि हादसे के बाद वाहन सड़क किनारे खड़ा किया गया था। बाद में लौटने पर कार का शीशा टूटा मिला और उसमें लगी टच स्क्रीन इंफोटेनमेंट प्रणाली, कंट्रोल यूनिट, सिल्वर बॉक्स और बैटरी गायब थी।
पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों में जल्द कार्रवाई की जाएगी।
