‘Rent-a-Boyfriend’ Scam: सोशल मीडिया पर दोस्ती का जाल, फिर बुकिंग फीस के नाम पर ठगी

Roopa
By Roopa
7 Min Read

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर दोस्ती और साथ देने की सेवाओं के नाम पर साइबर ठगी का एक नया तरीका सामने आया है। साइबर अपराधी कथित तौर पर Instagram, Telegram और Facebook पर ‘Rent-a-Boyfriend’ जैसी सेवाओं के आकर्षक विज्ञापन डालकर महिलाओं और युवाओं को निशाना बना रहे हैं। इन विज्ञापनों में कॉफी डेट, फिल्म देखने, शादी या किसी कार्यक्रम में साथ जाने और व्यक्तिगत companionship जैसी सेवाओं के अलग-अलग पैकेज और रेट बताए जाते हैं। कुछ विज्ञापनों में कॉफी मीटिंग के लिए ₹499 तक की शुरुआती कीमत भी दिखाई जाती है।

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, यह ठगी केवल पैसे ऐंठने तक सीमित नहीं रह सकती। बातचीत के दौरान अपराधी भरोसा कायम करने के बाद निजी जानकारी, तस्वीरें और वीडियो हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। इसके बाद इन्हीं सामग्री का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग या अन्य साइबर अपराधों के लिए किया जा सकता है।

सोशल मीडिया विज्ञापन से शुरू होता है संपर्क

कथित ठग सबसे पहले सोशल मीडिया पर युवकों की तस्वीरों के साथ आकर्षक प्रोफाइल या विज्ञापन पोस्ट करते हैं। इनमें कम कीमत में डेट, मूवी, कॉफी या किसी समारोह में साथ देने का दावा किया जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति रुचि दिखाता है, उसे Direct Message के जरिए बातचीत के लिए कहा जाता है।

इसके बाद बातचीत Instagram से हटाकर Telegram, Signal या WhatsApp जैसे निजी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर ले जाने की कोशिश की जाती है। आरोप है कि यहीं से ठगी का अगला चरण शुरू होता है। पहले दोस्ताना बातचीत और भरोसा कायम किया जाता है, फिर बुकिंग कन्फर्मेशन, सिक्योरिटी डिपॉजिट या एडवांस पेमेंट के नाम पर रकम मांगी जाती है।

QR कोड और डिजिटल वॉलेट से रकम लेने का आरोप

साइबर अपराधी कथित तौर पर पीड़ितों को QR कोड, डिजिटल वॉलेट या अन्य ऑनलाइन भुगतान माध्यम भेजते हैं। रकम ट्रांसफर होने के बाद कई मामलों में संपर्क बंद कर दिया जाता है और पीड़ित को ब्लॉक कर दिया जाता है।

साइबर अधिकारियों के हवाले से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 से ऐसे मामलों से जुड़ी करीब 24 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें लगभग ₹3.5 लाख के नुकसान की बात सामने आई है। अधिकारियों ने हालांकि चेतावनी दी है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है, क्योंकि कई पीड़ित सामाजिक दबाव या शर्म के कारण शिकायत दर्ज नहीं कराते।

निजी तस्वीरों से ब्लैकमेल का खतरा

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह के मुताबिक, ऑनलाइन डेटिंग और companionship scams में आर्थिक ठगी के साथ-साथ डिजिटल ब्लैकमेल का जोखिम भी रहता है। अपराधी पहले भावनात्मक भरोसा बनाने के बाद निजी तस्वीरें या वीडियो मांग सकते हैं और बाद में उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे वसूलने की कोशिश कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि किसी अनजान ऑनलाइन संपर्क के साथ निजी तस्वीरें, वीडियो, पता, फोन नंबर, लोकेशन या रोजमर्रा की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। केवल प्रोफाइल फोटो, नाम या कुछ बातचीत के आधार पर सामने वाले की पहचान को वास्तविक मानना जोखिमपूर्ण है।

Algoritha Security Launches ‘Make in India’ Cyber Lab for Educational Institutions

फर्जी प्रोफाइल की पहचान कैसे करें?

विशेषज्ञों के अनुसार, बहुत जल्दी व्यक्तिगत नजदीकी बढ़ाना, वीडियो कॉल से बचना, अपनी पहचान से जुड़ी जानकारी बार-बार बदलना, हाल ही में बनाया गया प्रोफाइल होना और संदिग्ध या कृत्रिम तस्वीरों का इस्तेमाल करना खतरे के संकेत हो सकते हैं।

इसके अलावा किसी अनजान व्यक्ति द्वारा बार-बार अकेले मिलने का दबाव बनाना, बातचीत को गुप्त रखने के लिए कहना, निजी फोटो मांगना या आर्थिक मदद की मांग करना भी सावधानी का संकेत है। ऐसे संपर्कों से भेजे गए संदिग्ध लिंक या APK फाइल डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए।

फर्जी दोस्ती से आगे बढ़कर अपराध का खतरा

ऑनलाइन दोस्ती के जरिए ठगी का खतरा केवल ‘Rent-a-Boyfriend’ जैसे विज्ञापनों तक सीमित नहीं है। नागपुर के एक मामले में फर्जी Instagram प्रोफाइल के जरिए एक नाबालिग लड़की से संपर्क कर निजी तस्वीरें हासिल करने और बाद में कथित तौर पर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया। पुलिस ने डिजिटल तकनीक की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई।

इसी तरह नौकरी के आकर्षक ऑफर के नाम पर सोशल मीडिया के जरिए युवतियों को कथित तौर पर फंसाने वाले मानव तस्करी नेटवर्क का मामला भी सामने आया है। ऐसे मामलों में अपराधी पहले ऑनलाइन भरोसा कायम करते हैं और फिर पीड़ितों को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं।

APK और संदिग्ध लिंक से भी सावधान

साइबर ठगी के दूसरे मामलों में भी संदिग्ध फाइल और APK लिंक का इस्तेमाल सामने आया है। एक मामले में फर्जी ट्रैफिक चालान के संदेश से भेजी गई फाइल डाउनलोड करने के बाद एक कंपनी इंजीनियर से कथित तौर पर ₹15 लाख की ठगी हुई। एक अन्य मामले में गैस बिल से जुड़े फर्जी संदेश के जरिए एक बुजुर्ग महिला से कथित तौर पर ₹8 लाख की धोखाधड़ी की गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्ति से शुरू होने वाली बातचीत को निजी जानकारी या वित्तीय लेनदेन तक पहुंचने देना जोखिम बढ़ा सकता है। किसी भी ऑनलाइन companionship, dating या friendship offer में पैसे भेजने से पहले सेवा देने वाले व्यक्ति और संस्था की स्वतंत्र रूप से पुष्टि जरूरी है।

साइबर ठगी होने पर पीड़ितों को तुरंत 1930 पर संपर्क कर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करनी चाहिए। जल्दी शिकायत करने से बैंकिंग लेनदेन पर रोक लगाने और रकम की रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है।

हमसे जुड़ें

Share This Article