रांची: झारखंड की राजधानी रांची में बिल्डर के घर से करीब डेढ़ करोड़ रुपये के जेवर और नकदी चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अशोक नगर इलाके में हुई इस बड़ी चोरी में शामिल गिरोह का तरीका बेहद शातिर बताया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का सरगना सैटेलाइट की 3D इमेज के जरिए रिहायशी इलाकों और बड़े घरों की रेकी करता था। इसके बाद पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया जाता था।
रांची पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों की पत्नियों को चोरी के जेवर और नकदी के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस चोरी में सीतामढ़ी (बिहार) के योगियागढ़ा निवासी इरफान उर्फ उजाले उर्फ बाबा उर्फ आर्यन, अफरोज उर्फ समीर उर्फ शमीम और सिलीगुड़ी निवासी नवीन शर्मा शामिल हैं। हालांकि, तीनों मुख्य आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पुलिस ने इरफान की पत्नी गुलशन परवीन और अफरोज की पत्नी शकीला उर्फ लाडली को गिरफ्तार किया है। गुलशन परवीन स्थानीय स्तर पर पार्षद भी बताई जा रही हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों के पास चोरी की रकम और जेवर पहुंचाए गए थे, जिन्हें बरामद कर लिया गया है।
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिरोह का सरगना इरफान चोरी के लिए पहले संभावित इलाकों की पहचान करता था। इसके लिए वह सैटेलाइट की 3D इमेज का इस्तेमाल कर घरों की बनावट, आसपास के रास्तों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाता था। अशोक नगर स्थित बिल्डर के घर को भी इसी तरीके से निशाना बनाया गया था।
सिटी एसपी पारस राणा के अनुसार, इरफान वारदातों को अंजाम देने के लिए करीब 80 लाख रुपये कीमत की लग्जरी कार का इस्तेमाल करता था। पुलिस का कहना है कि वह चोरी के बाद महंगे सामान और नकदी को छिपाने तथा ठिकाने लगाने के लिए अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करता था।
Registration Begins for FutureCrime Summit 2026, India’s Largest Cybercrime Conference
पुलिस जांच में इरफान का लंबा आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ देश के 13 जिलों में 80 से अधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। रांची के अलावा दिल्ली, छत्तीसगढ़, जालंधर, हैदराबाद, पुणे, केरल, आगरा, गाजियाबाद, गोवा, बेंगलुरु और सूरत जैसे शहरों में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। वह कई बार जेल जा चुका है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इरफान ने अपने गांव में अलग तरह की छवि बना रखी थी। पुलिस का दावा है कि चोरी के पैसों से वह गांव में सड़क निर्माण, गरीब परिवारों की शादियों में मदद, जरूरतमंद लोगों के इलाज और मुफ्त मेडिकल कैंप जैसे काम करवाता था। इसी वजह से स्थानीय स्तर पर उसकी ‘रॉबिनहुड’ जैसी छवि बन गई थी।
गिरफ्तार गुलशन परवीन ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके पति से मिली चोरी की रकम का इस्तेमाल चुनाव जीतने के लिए भी किया गया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि चोरी की रकम का इस्तेमाल अन्य गतिविधियों में भी किया गया या नहीं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 17.36 लाख रुपये नकद, सोने का मंगलसूत्र, एक डायमंड सेट, तीन सोने की अंगूठियां और करीब 80 लाख रुपये कीमत की लग्जरी कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, चोरी के बाद अफरोज सीतामढ़ी पहुंचा था, जहां उसने होटल में गुलशन और शकीला को बुलाकर चोरी के जेवर और पैसे सौंपे थे।
सिटी एसपी ने बताया कि बिल्डर के घर चोरी और निश्चित केसरी के घर गोलीबारी की घटना में तीन आरोपी शामिल हैं, जो अभी फरार हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के पूरे नेटवर्क, चोरी की अन्य वारदातों और पैसों के इस्तेमाल से जुड़े कई और खुलासे हो सकते हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
