रामपुर: गंज थाना क्षेत्र में 25 फरवरी को हुई कार आग की घटना में महिला सिपाही लता सिंह और उसके दो वर्षीय बेटे लड्डू की मौत, किसी हादसे की बजाय डबल मर्डर की सोची समझी साजिश थी। सोमवार को पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी पति दान सिंह समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जांच में पता चला कि दान सिंह को पत्नी की मौत के बाद मिलने वाली लगभग ₹2.5–3 करोड़ की बीमा राशि और मृतक आश्रित के तहत नौकरी पाने की लालसा थी। इसी लालच में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, मिलक के ग्राम बेहतरा निवासी दान सिंह अपने रिश्तेदार रवि कुमार के साथ पत्नी लता और बेटे लड्डू को लेकर नैनीताल गया था। लता मूलरूप से सीतापुर की रहने वाली थी और यूपी पुलिस में सिपाही थी, तैनाती श्रावस्ती जिले में थी। घटना की रात दान सिंह कार चला रहा था। घटना के तुरंत बाद दावा किया गया कि कार को डंपर ने टक्कर मारी और आग लग गई।
लेकिन पुलिस की गहन जांच में पाया गया कि यह कोई साधारण सड़क हादसा नहीं था। नैनीताल से लौटते समय बाजपुर के पास दान सिंह ने कार रोकी और दो कोल्ड ड्रिंक ली, जिनमें उसने नींद की गोलियां मिला दी। लता और लड्डू को पीने के बाद वे बेहोश हो गए। इसके बाद दान सिंह ने जानबूझकर कार को डंपर से टकराया और पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
लता ने दिखाई थी बहादुरी
हादसे में लड्डू कार के अंदर जिंदा जल गया। लता थोड़ी देर बाद हल्का होश आने पर बाहर निकलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन आरोपी और उसके साथी उसे नहीं जाने दे रहे थे। वहां मौजूद पेट्रोल पंप कर्मियों और आसपास के लोगों ने देखा, लेकिन दान सिंह ने अपने प्लान को पूरा करने के लिए नूरहसन को बुलाया और लता को कार में बैठाकर संजीवनी अस्पताल ले जाते समय उसे हथौड़ी से मारकर हत्या कर दी।
जानकारी के अनुसार, दान सिंह की लता के साथ यह दूसरी शादी थी। पहले उसकी शादी शाहबाद थाना क्षेत्र के ग्राम पसतौर निवासी रजनी से हुई थी। वर्ष 2015 में ग्राम रौरा कला में हुए सड़क हादसे में रजनी की मौत हो गई थी। पुलिस अब उसी घटना की भी जांच कर रही है। इस बार भी दान सिंह की योजना तीसरी शादी के लिए पत्नी और बेटे को रास्ते से हटाने की थी।
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सीसीटीवी फुटेज ने खोला सच
शुरुआत में पुलिस भी इस घटना को हादसा मान रही थी। चूंकि मामला महिला सिपाही से जुड़ा था, पुलिस ने डंपर की तलाश शुरू की। नैनीताल से घटना स्थल तक 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई। जांच के दौरान हर क्लू मिलते गए और अंततः हत्याकांड का पूरा सच सामने आया।
जानकारी के अनुसार, दान सिंह ने लव मैरिज के तहत वर्ष 2021 में लता से विवाह किया था। शादी के बाद लता सीतापुर में रहना चाहती थी, जिससे दान सिंह नाराज था। इसी के चलते उसने लता और बेटे को हटाने की योजना बनाई और इसमें रवि, टांडा थाना क्षेत्र के ग्राम सोनकपुर निवासी नूरहसन, सिविल लाइंस के पनवड़िया निवासी प्रदीप कुमार और पटवाई थाना क्षेत्र के ग्राम चंडका मदारपुर निवासी अब्दुल करीम को शामिल किया।
गिरफ्तार और तलाश जारी
पुलिस ने मुख्य आरोपी दान सिंह, नूरहसन और पटवाई निवासी सलमान को गिरफ्तार किया है। वहीं रवि और प्रदीप फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने बनाए कहानी के तहत यह दिखाने की कोशिश की कि हादसे के बाद वह और रवि सुरक्षित बाहर निकल गए, जबकि लता और लड्डू कार में फंसे रहे। गंज कोतवाली में अज्ञात डंपर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान नींद की गोलियों और डंपर टक्कर के क्लू सामने आने के बाद सच उजागर हुआ।
यह मामला साजिश और लालच का सबसे भयानक उदाहरण है, जहां बीमा राशि और निजी स्वार्थ के लिए पिता ने अपनी पत्नी और बेटे की हत्या कर डाली।
