अयोध्या (उत्तर प्रदेश): श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की व्यवस्थाओं में व्यापक बदलाव शुरू कर दिए हैं। चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े विवाद के बाद ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर समीक्षा शुरू की है। इसी क्रम में एसबीआई ने मंदिर में चढ़ावे की गणना से जुड़े कुल 36 कर्मचारियों को हटाकर अब यह जिम्मेदारी केवल अपने नियमित कर्मचारियों को सौंप दी है। वहीं, ट्रस्ट ने मंदिर में कार्यरत 349 कर्मचारियों की स्क्रीनिंग के बाद अब तक 25 कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट की ओर से कर्मचारियों की पृष्ठभूमि, कार्य जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली की जांच की जा रही है। इसके अलावा मंदिर परिसर में सफाई, रखरखाव और अन्य सेवाओं से जुड़े पुराने छोटे ठेकेदारों की भी समीक्षा की जा रही है। कई स्थानों पर नई एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चढ़ावा गणना व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया गया है। एसबीआई ने पहले 23 गणनाकर्मियों को हटाया था, जबकि अब शेष 13 कर्मचारियों को भी कार्यमुक्त कर दिया गया है। इसके बाद चढ़ावे की गणना का पूरा काम बैंक के नियमित कर्मचारियों द्वारा ही किया जाएगा। हालांकि, ट्रस्ट और एसबीआई की ओर से इन बदलावों को लेकर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मंदिर प्रशासन में यह बदलाव ऐसे समय में किया जा रहा है, जब चढ़ावे से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद ट्रस्ट ने आंतरिक प्रक्रियाओं की समीक्षा शुरू की और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से वित्तीय प्रबंधन और निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जा सकेगा।
ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव की संभावना है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक में नए महासचिव के चयन सहित कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के नए महासचिव का चयन विश्व हिंदू परिषद से किए जाने की संभावना है। इसके अलावा लंबे समय से खाली पड़े कुछ अन्य महत्वपूर्ण पदों को भरने पर भी विचार किया जा सकता है।
मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए ट्रस्ट प्रशासन लगातार अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव कर रहा है। मंदिर में आने वाले दान, सुरक्षा, साफ-सफाई, कर्मचारी प्रबंधन और अन्य सेवाओं की निगरानी के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी चल रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े धार्मिक संस्थानों में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। चढ़ावे जैसी संवेदनशील व्यवस्था में कर्मचारियों की नियमित जांच, डिजिटल रिकॉर्डिंग, बहुस्तरीय निगरानी और जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने में मदद करता है।
ट्रस्ट से जुड़े बदलावों के बीच श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन, सेवाओं की गुणवत्ता और प्रशासनिक नियंत्रण को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग स्तर पर समीक्षा की जा रही है।
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और संचालन के बाद से ट्रस्ट लगातार नई व्यवस्थाएं विकसित कर रहा है। आने वाले दिनों में प्रशासनिक ढांचे, कर्मचारियों की भूमिका और मंदिर संचालन से जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
