सॉफ्टवेयर जांच में करीब 80 संदिग्ध डिजिटल लेनदेन सामने आए; पुलिस ने साइबर एंगल से जांच शुरू की, तकनीकी रिकॉर्ड और भुगतान प्रणाली की हो रही पड़ताल

कार बुकिंग के नाम पर ₹10.24 लाख की कथित धोखाधड़ी, पूर्व टीम लीडर पर 11 ग्राहकों से रकम हड़पने का आरोप

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By Roopa
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रायपुर (छत्तीसगढ़): रायपुर के लाभाण्डी स्थित शिवनाथ मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के एक पूर्व टीम लीडर पर कार बुकिंग और डाउन पेमेंट के नाम पर 11 ग्राहकों से ₹10.24 लाख से अधिक की कथित धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। कंपनी की शिकायत पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान नीरज चंद्राकर के रूप में हुई है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, कंपनी के एचआर मैनेजर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया है कि नीरज चंद्राकर 16 फरवरी 2026 से 25 जून 2026 तक कंपनी में टीम लीडर के पद पर कार्यरत था। इस दौरान उसने कथित तौर पर ग्राहकों से वाहन बुकिंग और डाउन पेमेंट के नाम पर नकद तथा ऑनलाइन माध्यम से धनराशि प्राप्त की।

शिकायत में आरोप है कि आरोपी ने ग्राहकों से प्राप्त राशि कंपनी के आधिकारिक बैंक खाते में जमा कराने के बजाय अपने निजी UPI खाते में ट्रांसफर करवा ली। कुछ मामलों में उसने नकद राशि भी अपने पास रख ली। कंपनी का आरोप है कि इस तरह कुल ₹10,24,853 की राशि का कथित गबन किया गया।

शिकायत के अनुसार, आरोपी ने राजकुमार जैन, सीमा बेदी, हर्षवीर सिंह, अजीत कुमार मंडावी, प्रशांत सिंह, रजत शर्मा, देवचरण निषाद, अजय सिंह, हर्ष भगत, जितेंद्र कुमार तिवारी और सुस्तिका मेश्राम सहित 11 ग्राहकों से विभिन्न राशि प्राप्त की। इनमें सबसे अधिक ₹2.70 लाख रजत शर्मा तथा ₹2.30 लाख प्रशांत सिंह से लिए जाने का आरोप है।

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कंपनी का कहना है कि ग्राहकों से धनराशि लेने के बावजूद न तो संबंधित वाहन बुकिंग की प्रक्रिया पूरी की गई और न ही रकम वापस की गई। शिकायत के अनुसार, मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी का मोबाइल फोन बंद मिला और वह अपने निवास से भी अनुपस्थित है।

तेलीबांधा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। जांच अधिकारी वित्तीय लेनदेन, UPI रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं ताकि धन के प्रवाह और कथित गबन की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके।

पुलिस का कहना है कि आरोपी का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। जांच के दौरान यदि अतिरिक्त साक्ष्य या अन्य प्रभावित ग्राहकों की जानकारी सामने आती है तो मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

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