आरके ट्रस्ट: रानी कपूर हटाई गईं

30,000 करोड़ की संपत्ति विवाद: प्रियंका सचदेव कपूर ने RK फैमिली ट्रस्ट से रानी कपूर को हटाया

Team The420
4 Min Read

बॉलीवुड और व्यवसाय जगत में चर्चा का विषय बनी RK फैमिली ट्रस्ट की नई घटनाक्रम ने फिर से संपत्ति विवाद को सुर्खियों में ला दिया है। प्रियंका सचदेव कपूर, जो खुद इस ट्रस्ट की ट्रस्टी और लाभार्थी हैं, ने संजय कपूर की माता रानी कपूर को ट्रस्ट से हटाने का औपचारिक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस 25 मार्च, 2026 से प्रभावी होगा, जबकि इसे 24 मार्च, 2026 को संचारित किया गया।

जानकारी के अनुसार, RK फैमिली ट्रस्ट की स्थापना 2017 में हुई थी और यह निजी एवं अपरिवर्तनीय ट्रस्ट के रूप में स्थापित किया गया था। संजय कपूर के जीवनकाल में वे इसके एकमात्र लाभार्थी थे। उनके निधन के बाद जून 2025 में, ट्रस्ट के लाभार्थी उनके बच्चे—मास्टर अजैरियस सूरी कपूर, मिस समैरा कपूर और मास्टर किआन कपूर—माने जाते हैं।

नोटिस में रानी कपूर द्वारा ट्रस्ट के दायित्वों और संपत्ति प्रबंधन के संदिग्ध कार्यों पर चिंता व्यक्त की गई है। साथ ही, जनवरी 2026 में जारी एक पूर्व ‘सीज़ एंड डीज़िस्ट’ नोटिस का भी जिक्र किया गया है। प्रियंका सचदेव कपूर ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया कि रानी कपूर की यह पहल ट्रस्ट डीड और भारतीय ट्रस्ट अधिनियम, 1882 के प्रावधानों के खिलाफ है और यह लाभार्थियों के हितों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने ट्रस्ट डीड की धारा 8.11 का हवाला देते हुए रानी कपूर की ट्रस्टी के पद से औपचारिक हटाने की सूचना दी है।

नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 25 मार्च, 2026 के बाद रानी कपूर ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व नहीं करेंगी और न ही किसी भी संपत्ति, दस्तावेज़ या मामले में हस्तक्षेप कर सकती हैं। इसके अलावा, नोटिस में चेतावनी दी गई है कि इस तारीख के बाद ट्रस्ट के नाम पर किए गए किसी भी कार्य को अवैध माना जाएगा और उल्लंघन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई सुरक्षित रखी जाएगी।

FCRF Launches Premier CISO Certification Amid Rising Demand for Cybersecurity Leadership

इस कदम के पीछे लंबे समय से चल रहे विवाद का प्रभाव देखा जा सकता है। रानी कपूर ने पहले ही दिल्ली उच्च न्यायालय में ट्रस्ट की वैधता पर सवाल उठाते हुए संपत्ति के संबंध में राहत की मांग की थी। इसके अलावा, कहा जा रहा है कि रानी कपूर ने ट्रस्टी के पद को लेकर कई कदम उठाए हैं, जिससे प्रियंका की स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। दोनों पक्षों के बीच ट्रस्ट प्रशासन और नियंत्रण को लेकर स्पष्ट रूप से टकराव देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बड़े पारिवारिक ट्रस्ट और अरबों रुपये की संपत्ति के मामलों में विवाद आम हैं। कानूनी दृष्टि से ट्रस्ट डीड के प्रावधान और भारतीय ट्रस्ट अधिनियम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नोटिस के माध्यम से प्रियंका सचदेव कपूर ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि ट्रस्ट के फैसलों और संपत्ति के प्रबंधन में लाभार्थियों के अधिकार सुरक्षित रहें।

बॉलीवुड और व्यवसाय जगत में इस कदम को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह कदम संजय कपूर के परिवार में चल रहे अंदरूनी मतभेद और संपत्ति विवाद का परिणाम है। ट्रस्ट के संचालन और लाभांश के अधिकारों पर दोनों पक्षों की टकराहट को देखते हुए, आने वाले समय में अदालत के निर्णय पर पूरा ध्यान रहेगा।

RK फैमिली ट्रस्ट से जुड़े इस कदम ने न केवल संपत्ति विवाद को तेज किया है, बल्कि बड़े पैमाने पर मीडिया और सामाजिक चर्चा का विषय भी बना दिया है। ऐसे मामलों में कानूनी सलाह और ट्रस्ट डीड की धारा अनुसार कार्रवाई आवश्यक होती है, ताकि विवाद का निष्पक्ष समाधान हो सके।

हमसे जुड़ें

Share This Article