पंचकूला। ऑनलाइन शेयर बाजार में निवेश के नाम पर बड़े साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति से करीब ₹54.50 लाख की ठगी कर ली गई। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बिहार से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके बैंक खाते में ठगी से जुड़े ₹4.65 लाख बरामद हुए हैं। आरोपी को अदालत में पेश कर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जून 2025 के अंतिम सप्ताह में उसे एक संदिग्ध मैसेज मिला, जिसमें व्हाट्सएप के जरिए शेयर बाजार में निवेश करने का ऑफर दिया गया था। शुरुआत में आरोपी ने उसे एक लिंक भेजा, जिसके माध्यम से उसके मोबाइल फोन में एक फर्जी निवेश ऐप इंस्टॉल करवाई गई। इसी ऐप के जरिए उसे निवेश की प्रक्रिया समझाई जाने लगी और लगातार संपर्क बनाए रखा गया।
प्रारंभिक चरण में आरोपियों ने बेहद चालाकी से पीड़ित का भरोसा जीता। छोटे-छोटे निवेश पर उसे मुनाफा दिखाया गया और कुछ रकम निकालने की सुविधा भी दी गई, जिससे उसे यह विश्वास हो गया कि प्लेटफॉर्म वास्तविक है। इसी विश्वास के आधार पर उसे धीरे-धीरे अधिक राशि निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।
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जांच में सामने आया कि 6 जुलाई 2025 से 11 अगस्त 2025 के बीच आरोपी और उसके साथियों ने अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी देकर पीड़ित से कई किश्तों में कुल ₹54.50 लाख ट्रांसफर करवा लिए। हर बार ऐप पर मुनाफा दिखाकर उसे और निवेश करने के लिए उकसाया जाता रहा, जिससे पीड़ित को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ।
इसके बाद ठगों ने फर्जी ऐप में करोड़ों रुपये का बैलेंस दिखाना शुरू कर दिया और पीड़ित पर और अधिक निवेश करने का दबाव बनाया। जब उसने अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। कुछ ही समय बाद ऐप अचानक बंद कर दिया गया और सभी संपर्क माध्यम निष्क्रिय हो गए, जिससे ठगी का खुलासा हुआ।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की गहराई से जांच की। इस दौरान संदिग्ध खातों की कड़ी जोड़ते हुए एक आरोपी कृष्णा कुमार राय तक पहुंच बनाई गई, जिसे बिहार से गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के खाते में ठगी से जुड़ी ₹4.65 लाख की राशि मौजूद थी, जिसे बरामद कर लिया गया है।
प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि यह मामला एक संगठित साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा हुआ है। इस नेटवर्क में कई अन्य लोग शामिल हो सकते हैं, जो अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर रहे हैं। पुलिस अब इन सभी की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह ने देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की ठगी को अंजाम दिया है या नहीं।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश से जुड़े ऐसे मामलों में ठग पहले छोटे मुनाफे का लालच देकर भरोसा बनाते हैं और फिर बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं। फर्जी ऐप, व्हाट्सएप लिंक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंच बनाना अब इन गिरोहों के लिए आसान हो गया है।
यह मामला एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि ऑनलाइन निवेश के किसी भी प्रस्ताव को बिना जांचे-परखे स्वीकार करना खतरनाक हो सकता है। खासतौर पर जब कम समय में ज्यादा मुनाफे का वादा किया जाए, तो सतर्क रहना जरूरी है।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने में जुटी हैं।
