फुलबनी: ओडिशा के कंधमाल जिले में पुलिस ने मोबाइल फोन चोरी और UPI के जरिए बैंक खातों से कथित तौर पर रकम निकालने के मामले में दो लोगों को पकड़ा है। इनमें 12 साल का एक किशोर भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पर बाजार क्षेत्रों में बुजुर्गों को निशाना बनाकर उनके मोबाइल चोरी करने और बाद में उन्हीं मोबाइल का इस्तेमाल कर बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान गंजाम जिले के अस्का क्षेत्र के पांडियापाथर निवासी 24 वर्षीय ए काशी और सोराडा निवासी 12 वर्षीय किशोर के रूप में हुई है। दोनों पर कंधमाल और आसपास के जिलों में इसी तरह की वारदातों में शामिल होने का संदेह है।
मामले की जांच 55 वर्षीय लक्ष्मण सस्मल की शिकायत के बाद शुरू हुई। फीरिंगिया निवासी सस्मल ने पुलिस को बताया था कि 4 अगस्त को स्थानीय बाजार से उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया था। बाद में उन्होंने अपने बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि UPI के माध्यम से उनके खाते से ₹1,35,508 ट्रांसफर किए गए हैं। पीड़ित ने इन लेनदेन की अनुमति नहीं दी थी।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर मोबाइल चोरी और बैंक खाते से हुए संदिग्ध लेनदेन की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ा। उनके कब्जे से ₹40,000 नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद मोबाइल किन घटनाओं से जुड़े हैं और कथित तौर पर ट्रांसफर की गई रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान काशी ने कथित तौर पर अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार की और बताया कि दो सदस्यीय समूह ने बरगढ़, बलांगीर, सोनपुर और बौध जिलों में भी इसी तरह की वारदातें की थीं। पुलिस इन जिलों में दर्ज मामलों और आरोपियों के संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, कथित गिरोह बाजारों में खास तौर पर बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाता था। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर उनके मोबाइल चोरी करने के बाद आरोपी कथित तौर पर फोन के जरिए बैंक खातों तक पहुंच बनाते और UPI के माध्यम से रकम ट्रांसफर करते थे। पुलिस ने बताया कि कुछ संदिग्ध लेनदेन भारतीय स्टेट बैंक के कियोस्क के जरिए किए गए।
ताजा मामले में पुलिस ने संदिग्ध लेनदेन का पता टिकाबाली और बौध स्थित SBI कियोस्क तक लगाया। लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच में अब यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी किए गए मोबाइल फोन के जरिए और कितने बैंक खातों को निशाना बनाया गया।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का संबंध फीरिंगिया, मनमुंडा और जगन्नाथप्रसाद थानों में दर्ज चार मामलों से भी सामने आया है। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और पूर्ववर्ती भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
24 वर्षीय काशी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत भेज दिया गया। वहीं, 12 वर्षीय किशोर को शनिवार को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। पुलिस अब कथित गिरोह की गतिविधियों, संभावित अन्य आरोपियों और पीड़ितों की पहचान करने के साथ बैंक लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है।
