मोगा (पंजाब): विदेश भेजने के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला पंजाब के मोगा जिले में सामने आया है। धर्मकोट थाना पुलिस ने इंग्लैंड में ओपन वर्क परमिट दिलाने का झांसा देकर ₹14 लाख की ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने उसके बेटे को विदेश भेजने का भरोसा दिलाकर रकम ली, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी न तो वीजा मिला और न ही पैसे वापस किए गए।
पुलिस के अनुसार, यह मामला गांव बड्डूवाल निवासी कुलविंदर कौर (50) की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर की गई, जिसके बाद धर्मकोट थाने में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।
इंग्लैंड भेजने का दिया था भरोसा
शिकायतकर्ता कुलविंदर कौर ने आरोप लगाया कि तरनतारन जिले के खडूर साहिब क्षेत्र के गांव तख्तूचक निवासी रविंदर सिंह ने उनके बेटे दमनप्रीत सिंह को इंग्लैंड में ओपन वर्क परमिट के जरिए भेजने का दावा किया था।
आरोप है कि रविंदर सिंह ने इस प्रक्रिया के लिए कुल ₹14 लाख की मांग की थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने आरोपी को शुरुआत में ₹3 लाख एडवांस के तौर पर दिए थे। इसके साथ ही दोनों पक्षों के बीच एक इकरारनामा भी किया गया था।
वीजा नहीं मिलने पर बढ़ा विवाद
शिकायत के अनुसार, निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी दमनप्रीत सिंह को इंग्लैंड भेजने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई और वीजा भी नहीं मिला। इसके बाद जब कुलविंदर कौर ने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर उसने टालमटोल शुरू कर दी और पैसे लौटाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की शिकायत की और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
जांच के बाद दर्ज हुआ मामला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत की जांच मोगा के उप पुलिस कप्तान (पीबीआई) होमिसाइड एवं फॉरेंसिक शाखा द्वारा की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी रविंदर सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच के दौरान आरोपी से जुड़े दस्तावेजों, लेन-देन और अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश भेजने, वीजा दिलाने या नौकरी लगवाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे देने से पहले उसकी पूरी जानकारी और प्रमाणों की जांच जरूर करें, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
