मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में अवैध दवाओं के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए नागपुर, कोल्हापुर, ठाणे, अकोला और मुंबई में छह स्थानों पर छापेमारी की। 20 से 24 जुलाई 2026 के बीच चलाए गए इस विशेष अभियान में दर्द निवारक दवाओं, गर्भपात की गोलियों, बिना लाइसेंस बेची जा रही एलोपैथिक दवाओं, गलत लेबल वाले आयुर्वेदिक उत्पादों और हैंड क्लेंजर समेत लगभग ₹3.73 लाख मूल्य की दवाएं और अन्य उत्पाद जब्त किए गए। विभिन्न मामलों में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
FDA के अनुसार, नागपुर में 20 जुलाई को स्काईलाइन इम्पेक्स पर छापेमारी के दौरान 1,618 शीशियां Bacteriostatic Water for Injection बरामद की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹74,610 है। जांच में पाया गया कि इन शीशियों पर “For Export Only” अंकित था और उनमें कानूनन आवश्यक कई वैधानिक जानकारियां उपलब्ध नहीं थीं। अधिकारियों के अनुसार ऐसे उत्पादों की घरेलू बाजार में बिक्री नियामकीय मानकों का उल्लंघन मानी जाती है।
इसी दिन कोल्हापुर के इचलकरंजी में निरीक्षण के दौरान Vat Churna नामक आयुर्वेदिक उत्पाद जब्त किया गया। इसकी कीमत लगभग ₹6,080 बताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि उत्पाद के लेबल पर बैच नंबर, निर्माता का नाम और विनिर्माण लाइसेंस संख्या जैसी अनिवार्य सूचनाएं दर्ज नहीं थीं। ऐसे मामलों में लेबलिंग नियमों के उल्लंघन की विस्तृत जांच की जा रही है।
21 जुलाई को नागपुर जिले के कान्हान क्षेत्र में पुलिस और FDA की संयुक्त कार्रवाई के दौरान Pyeevon Spas Plus की 7,174 कैप्सूल जब्त की गईं। इन कैप्सूल में ट्रामाडोल पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹71,740 है। ट्रामाडोल एक नियंत्रित दवा है और इसके अवैध भंडारण एवं बिक्री को गंभीर अपराध माना जाता है। इस मामले में NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
ठाणे जिले के कल्याण पूर्व स्थित प्रकाश पॉली क्लिनिक में FDA और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने बिना लाइसेंस रखी गई एलोपैथिक दवाएं जब्त कीं। इन दवाओं का मूल्य लगभग ₹1,03,610 बताया गया है। अधिकारियों ने दो दवा नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अकोला में निरीक्षण के दौरान मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) से संबंधित दवाओं Termipil Kit और Gestapro Tablets का अवैध भंडारण और बिक्री सामने आई। लगभग ₹4,914 मूल्य की दवाएं जब्त की गईं। मामले में भारतीय न्याय संहिता और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि इन दवाओं की आपूर्ति किन स्रोतों से की जा रही थी।
मुंबई के कालबादेवी स्थित M/s Jayman Industries पर छापेमारी के दौरान Ellot Hand Cleanser नामक उत्पाद की बड़ी खेप जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1,10,777 है। FDA का आरोप है कि यह उत्पाद वैध विनिर्माण लाइसेंस के बिना तैयार किया जा रहा था। विभाग अब निर्माण प्रक्रिया, कच्चे माल और वितरण नेटवर्क की भी जांच कर रहा है।
Algoritha Security के एक Researcher के अनुसार, दवा आपूर्ति श्रृंखला में अवैध कारोबार की पहचान के लिए डिजिटल ट्रैकिंग, लाइसेंस सत्यापन, बैच नंबर विश्लेषण और आपूर्ति श्रृंखला की फोरेंसिक जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विशेषज्ञ का कहना है कि नियामक एजेंसियां यदि डिजिटल रिकॉर्ड, ई-इनवॉयस, परिवहन डेटा और ऑनलाइन बिक्री प्लेटफॉर्म की निगरानी को एकीकृत करें तो बिना लाइसेंस दवा कारोबार और नकली उत्पादों के नेटवर्क का तेजी से पता लगाया जा सकता है।
FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि विभाग गलत लेबल वाली दवाओं, बिना लाइसेंस दवा कारोबार, अवैध गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री और NDPS कानून के उल्लंघन के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में इस तरह के विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
