कटनी: मध्य प्रदेश के कटनी में विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक की फर्म से करीब ₹1.5 करोड़ की कथित ठगी के मामले में पुलिस ने मुंबई से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी स्काई लाइम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर बताए गए हैं। जांच में सामने आया है कि कथित ठगी की रकम में से करीब ₹1.16 करोड़ इसी कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस अब कंपनी और उससे जुड़े लोगों के वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है।
रंगनाथ नगर थाना पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के पालघर निवासी रिजवान मलिक और नालासोपारा निवासी मोहम्मद अब्दुल जब्बार उर्फ साहिल के रूप में हुई है। दोनों को महाराष्ट्र से पकड़कर कटनी लाया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कंपनी के खाते में पहुंची रकम का आगे किस तरह इस्तेमाल किया गया और इस पूरे नेटवर्क में उनकी क्या भूमिका थी।
अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें ग्वालियर के सिपरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया दीपक यादव भी शामिल है। पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की है। पूछताछ के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है और पुलिस की अलग-अलग टीमें दूसरे जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी भेजी गई हैं।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि गिरफ्तार आरोपियों के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या मुख्य सरगना हो सकता है, जो कथित ठगी की पूरी योजना और रकम के लेनदेन को नियंत्रित कर रहा था। पुलिस फिलहाल उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जो कंपनी, बैंक खातों और रकम के हस्तांतरण की प्रक्रिया से जुड़े हो सकते हैं।
स्काई लाइम कंपनी के खाते पर जांच केंद्रित
जांच में करीब ₹1.16 करोड़ की रकम स्काई लाइम प्राइवेट लिमिटेड के खाते में पहुंचने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस की नजर कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड पर है। जांचकर्ता बैंक स्टेटमेंट, रकम के ट्रांसफर, खाते से निकासी और उसके बाद हुए लेनदेन की पड़ताल कर रहे हैं।
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पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कंपनी का इस्तेमाल कथित ठगी की रकम को प्राप्त करने के लिए जानबूझकर किया गया था या कंपनी के निदेशकों को इस रकम के स्रोत की जानकारी थी। इसके अलावा खाते से रकम निकलने के बाद वह किन व्यक्तियों या संस्थाओं तक पहुंची, इसकी भी जांच की जा रही है।
मुख्य आरोपी तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कथित ठगी के मुख्य संचालक तक पहुंचना है। अधिकारियों को आशंका है कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपी केवल रकम के लेनदेन या अन्य सीमित भूमिकाओं में शामिल रहे हों और पूरे नेटवर्क को कोई अन्य व्यक्ति संचालित कर रहा हो।
इसी कड़ी में पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड और आरोपियों से पूछताछ के जरिए नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। जांच टीम यह भी देख रही है कि कटनी में हुई कथित ठगी का संबंध किसी दूसरे राज्य में सक्रिय नेटवर्क से तो नहीं है।
दूसरे राज्यों में भी जांच तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच को कटनी और मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रखा है। अलग-अलग टीमें दूसरे राज्यों में भेजी गई हैं, जहां संभावित आरोपियों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ से मिलने वाले नए सुरागों के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
जांच फिलहाल ठगी की रकम के पूरे प्रवाह, स्काई लाइम प्राइवेट लिमिटेड की भूमिका और कथित मुख्य सरगना की पहचान पर केंद्रित है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि करीब ₹1.5 करोड़ की रकम की कथित ठगी की योजना कैसे बनाई गई, इसमें कितने लोग शामिल थे और रकम को अलग-अलग खातों के जरिए किस तरह स्थानांतरित किया गया।
