कानपुर। पति की आकस्मिक मौत के बाद बीमा क्लेम के रूप में खाते में आए ₹60.40 लाख में से ₹40 लाख गायब होने के मामले में भारतीय स्टेट बैंक की फूलबाग शाखा की एक महिला बैंककर्मी को निलंबित कर दिया गया है। बैंक प्रबंधन ने उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। सोमवार को बैंक अधिकारियों ने पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी। बैंक की ओर से आरोपी कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पुलिस आयुक्त को शिकायती पत्र भी सौंपा गया है।
मामला रेलबाजार ट्रैफिक पुलिस लाइन में रहने वाली महिला सिपाही राधा के बैंक खाते से जुड़ा है। राधा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पति ने टर्म इंश्योरेंस करा रखा था। पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद बीमा कंपनी ने क्लेम की रकम के तौर पर उनके खाते में ₹60.40 लाख जमा किए थे। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद उन्होंने उसे सुरक्षित रखने के लिए बैंक में सावधि जमा कराने का फैसला किया।
शिकायत के मुताबिक, 22 मई को राधा फूलबाग स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा पहुंचीं। वहां बैंककर्मी ज्योति ने उनके नाम से ₹10-10 लाख की दो एफडी तैयार कीं। बताया गया कि खाते में बची रकम की चार एफडी बाद में बनाई जाएंगी। राधा इसके बाद जब दोबारा बैंक पहुंचीं तो उन्हें खाते में रकम का हिसाब ठीक नहीं मिला। आरोप है कि खाते से ₹40 लाख गायब थे।
FCRF Launches India-Focused BFSI Compliance Certification for Emerging Governance Professionals
महिला सिपाही ने बैंककर्मी से खाते में हुए लेनदेन और रकम से संबंधित रिकॉर्ड मांगा। आरोप है कि उन्हें आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। मामले में कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने खाते में आए बीमा क्लेम, एफडी बनाने की प्रक्रिया और बाद में ₹40 लाख के कथित तौर पर गायब होने से जुड़े लेनदेन की जांच शुरू कर दी।
मामले के सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने भी अपने स्तर पर जांच की। सोमवार को बैंक अधिकारियों ने पुलिस आयुक्त को बताया कि आरोपी महिला बैंककर्मी के खिलाफ पहले भी इसी तरह की छह से सात शिकायतें मिल चुकी हैं। बैंक अब इन शिकायतों और मौजूदा मामले के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर रहा है।
बैंक प्रबंधन ने आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के साथ ही पुलिस को भी कार्रवाई के लिए शिकायत दी गई है। बैंक अधिकारियों ने पुलिस आयुक्त से आरोपी कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है। हालांकि, महिला सिपाही की शिकायत पर इस मामले में एक प्राथमिकी पहले ही दर्ज हो चुकी है।
पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि खाते में जमा ₹60.40 लाख में से ₹40 लाख किस प्रक्रिया के तहत खाते से निकले और रकम कहां गई। जांच में बैंक खाते का विवरण, एफडी से जुड़े दस्तावेज, लेनदेन का रिकॉर्ड और अन्य संबंधित बैंकिंग कागजात की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि 22 मई को एफडी बनाए जाने के दौरान खाते में कितनी रकम उपलब्ध थी और उसके बाद कौन-कौन से लेनदेन हुए।
जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि महिला सिपाही के खाते से रकम निकालने या स्थानांतरित करने के लिए किस माध्यम का इस्तेमाल हुआ। बैंक के आंतरिक रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर लेनदेन की पूरी कड़ी तैयार की जा रही है। बैंककर्मी के खिलाफ पहले मिली छह-सात शिकायतों की जानकारी भी जांच का हिस्सा बनाई जा सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनमें किसी तरह की समानता है या नहीं।
पुलिस आयुक्त के अनुसार, मामले में प्राथमिकी दर्ज है और विस्तृत जांच जारी है। बैंक की विभागीय जांच तथा पुलिस जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल महिला सिपाही के खाते से गायब बताए जा रहे ₹40 लाख और उससे जुड़े बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। आरोपी बैंककर्मी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
