14वीं पीटी समेत कई परीक्षाओं में अनियमितता के आरोप; JPSC कार्यालय और परीक्षा एजेंसी TDPL के ठिकानों पर कार्रवाई, विदेशी दौरों और संपत्तियों की जांच तेज

JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID का शिकंजा, पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते के ठिकानों पर छापेमारी; दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त

Roopa
By Roopa
5 Min Read

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को CID की टीम ने JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास पर छापेमारी की। इसके अलावा JPSC कार्यालय और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी TDPL के कार्यालयों की भी जांच की गई। कार्रवाई के दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, ओएमआर शीट और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।

CID अधिकारियों के अनुसार, जांच टीम ने एल. ख्यांगते के आवास पर करीब पांच घंटे तक तलाशी अभियान चलाया और उनसे मामले से जुड़े कई बिंदुओं पर पूछताछ की। ख्यांगते झारखंड के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद JPSC के चेयरमैन नियुक्त किए गए थे। CID की कार्रवाई के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

जांच एजेंसी अब JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) समेत अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही है। CID ने JPSC कार्यालय से हाल के वर्षों में आयोजित परीक्षाओं से संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए हैं। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के कंप्यूटरों से डिजिटल डेटा भी एकत्र किया गया है। वहीं, परीक्षा संचालन एजेंसी TDPL के कार्यालय से भी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज जुटाए गए हैं।

जांच का मुख्य फोकस परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और निजी एजेंसी के बीच संभावित संबंधों की जांच करना है। CID यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा संचालन में शामिल एजेंसी TDPL की भूमिका क्या रही और क्या किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन किया गया। इसके लिए एजेंसी के दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

CID अब एल. ख्यांगते के विदेशी दौरों और वित्तीय गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, JPSC चेयरमैन बनने के बाद ख्यांगते तीन बार अमेरिका गए थे। इनमें 17 मार्च 2025, 18 अक्टूबर 2025 और इस वर्ष 13 मई की यात्राएं शामिल हैं। जांचकर्ताओं को आशंका है कि इन विदेशी दौरों का खर्च TDPL की ओर से वहन किया गया हो सकता है। एजेंसी यात्रा खर्च, भुगतान के स्रोत और संबंधित वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।

Registration Begins for FutureCrime Summit 2026, India’s Largest Cybercrime Conference

इसके अलावा ख्यांगते के चेयरमैन पद पर रहते हुए अचल संपत्तियों में किए गए संभावित निवेश की भी जांच की जा रही है। CID यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उनकी घोषित आय और अर्जित संपत्तियों के बीच कोई असमानता तो नहीं है।

इस मामले में JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में TDPL के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी और कर्मचारी मोहम्मद उस्मान तथा मोहम्मद एबाद शामिल हैं। CID अब इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की तैयारी कर रही है।

जांच के दौरान ख्यांगते पर JPSC में उप परीक्षा नियंत्रक पद पर तैनात दो पूर्व अधिकारियों को हटाने और श्वेता गुप्ता की नियुक्ति से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं। आरोप है कि स्थानांतरण के बाद भी उन्हें जिम्मेदारियां दी गईं। CID इन सभी आरोपों की जांच कर रही है।

इधर, JPSC की 14वीं PT परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की। अदालत ने राज्य सरकार और JPSC को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।

CID अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है। जब्त दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और पूछताछ से मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित परीक्षा गड़बड़ी केवल कुछ लोगों तक सीमित थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।

हमसे जुड़ें

Share This Article