इटली फुटबॉल में रेफरिंग स्कैंडल ने Serie A और Serie B की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। VAR हस्तक्षेप, रेफरी चयन में पक्षपात और स्पोर्ट्स फ्रॉड के आरोपों की जांच शुरू हो गई है।

इटली फुटबॉल में रेफरी स्कैंडल: मैच फिक्सिंग और स्पोर्ट्स फ्रॉड के आरोपों से मचा हड़कंप, रेफरिंग प्रमुख ने खुद को किया सस्पेंड

Team The420
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इटली के फुटबॉल सिस्टम में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जहां रेफरिंग से जुड़े शीर्ष अधिकारी पर “स्पोर्ट्स फ्रॉड” और मैचों में कथित हस्तक्षेप के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले में जांच शुरू होने के बाद इतालवी रेफरिंग प्रमुख ने खुद को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर लिया है, जिससे पूरे फुटबॉल प्रशासन में हलचल मच गई है।

Serie A और Serie B सीजन से जुड़े आरोप

मामला Serie A और Serie B के 2024–25 सीजन से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां आरोप है कि रेफरी नियुक्त करने की प्रक्रिया में अनियमितताएं की गईं और कुछ मैचों के दौरान VAR सिस्टम के उपयोग में हस्तक्षेप किया गया। जांच के दायरे में इतालवी रेफरी प्रमुख के साथ-साथ VAR सुपरविजन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी को भी शामिल किया गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच का एक प्रमुख बिंदु यह है कि एक मैच के दौरान VAR रूम की प्रक्रिया में बाहरी हस्तक्षेप हुआ था। आरोप है कि एक महत्वपूर्ण Serie A मैच में ऑन-फील्ड रिव्यू को प्रभावित करने की कोशिश की गई, जिससे निर्णयों पर असर पड़ा। यह मैच Udinese और Parma के बीच 1 मार्च 2025 को खेला गया था, जिसमें पेनल्टी निर्णय को लेकर विवाद खड़ा हुआ था।

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रेफरी चयन में पक्षपात के दावे

इसके अलावा यह भी जांच हो रही है कि क्या रेफरी चयन प्रक्रिया में पक्षपात किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ मैचों में ऐसे रेफरी नियुक्त किए गए जिन्हें एक विशेष क्लब के पक्ष में अधिक अनुकूल माना जाता था। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

इस पूरे मामले ने इटली के फुटबॉल प्रशासन को गहरे संकट में डाल दिया है, खासकर इसलिए क्योंकि देश पहले से ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में लगातार असफलताओं और विश्व कप क्वालिफिकेशन से बाहर रहने की स्थिति का सामना कर रहा है। हाल ही में फुटबॉल फेडरेशन के शीर्ष अधिकारियों और कोचिंग स्टाफ के इस्तीफों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया था।

रेफरिंग प्रमुख ने जांच में सहयोग का दावा किया

रेफरिंग प्रमुख ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने यह कदम न्यायिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए उठाया है। उन्होंने दावा किया है कि वे जांच से पूरी तरह निर्दोष साबित होंगे और अंततः सच सामने आएगा।

इटली में फुटबॉल में इस तरह के विवाद पहले भी सामने आ चुके हैं। 2006 में हुए एक बड़े स्कैंडल में कई क्लबों पर मैच फिक्सिंग के आरोप लगे थे, जिसके बाद बड़े स्तर पर दंडात्मक कार्रवाई की गई थी और कुछ क्लबों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़े थे।

खेल में बाहरी प्रभाव की आशंका

इस नए मामले ने फिर से वही पुरानी आशंकाएं जगा दी हैं कि कहीं खेल में प्रशासनिक और रेफरिंग स्तर पर बाहरी प्रभाव तो नहीं डाला जा रहा। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह केवल प्रक्रियागत गलती है या फिर इसके पीछे संगठित रूप से किसी प्रकार का खेल से जुड़ा भ्रष्टाचार मौजूद है।

फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और किसी भी तरह के अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में पूछताछ, रिकॉर्ड और VAR डेटा की गहन जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इटली फुटबॉल महासंघ पर अब दबाव बढ़ गया है कि वह रेफरिंग सिस्टम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर कड़े सुधार लागू करे, ताकि खेल की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों को खत्म किया जा सके।

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