फर्जी डिस्काउंट, पार्सल कैंसिलेशन, सोशल मीडिया ऑफर और WhatsApp लिंक के जरिए ठगी का खतरा; विशेषज्ञ ने OTP, लिंक और भुगतान से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की दी सलाह

15 अगस्त की सेल पर साइबर ठगों की नजर, एक क्लिक से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

Roopa
By Roopa
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नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के आसपास ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से आकर्षक सेल, डिस्काउंट, कैशबैक और विशेष ऑफर दिए जाते हैं। इसी दौरान साइबर ठग भी सक्रिय हो जाते हैं और इन ऑफर्स की आड़ में लोगों को फर्जी लिंक, नकली वेबसाइट, सोशल मीडिया विज्ञापन और पार्सल कैंसिलेशन के नाम पर निशाना बना सकते हैं। थोड़ी सी लापरवाही मोबाइल और बैंकिंग जानकारी को खतरे में डालने के साथ खाते से रकम निकलने का कारण बन सकती है।

साइबर ठग अक्सर लोगों को बेहद आकर्षक कीमत पर महंगे उत्पाद, भारी डिस्काउंट या विशेष स्वतंत्रता दिवस ऑफर का झांसा देते हैं। इसके लिए WhatsApp, SMS, ईमेल और सोशल मीडिया के जरिए लिंक भेजे जाते हैं। लिंक पर क्लिक करने के बाद यूजर को नकली वेबसाइट पर ले जाया जा सकता है, जहां उससे लॉगिन, कार्ड, बैंकिंग या अन्य संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है। कई मामलों में संदिग्ध फाइल या एप डाउनलोड कराने की कोशिश भी की जा सकती है।

फर्जी सेल लिंक से रहें सावधान

स्वतंत्रता दिवस की सेल के नाम पर आने वाले हर संदेश को वास्तविक मानना जोखिम भरा हो सकता है। ठग असली कंपनियों के नाम, लोगो और ऑफर की तर्ज पर नकली पेज तैयार कर सकते हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से पहले वेबसाइट के पते और ऑफर की पुष्टि करना जरूरी है।

खरीदारी के लिए हमेशा संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या उसके सत्यापित मोबाइल एप का इस्तेमाल करना सुरक्षित विकल्प है। सोशल मीडिया पर दिखने वाले ऐसे विज्ञापनों से विशेष सावधानी बरतनी चाहिए जो सामान्य कीमत की तुलना में असामान्य रूप से बड़ा डिस्काउंट देने का दावा करते हैं।

पार्सल कैंसिल कराने के नाम पर ठगी

स्वतंत्रता दिवस सेल के दौरान ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने के साथ पार्सल से जुड़े फर्जी कॉल भी ठगी का माध्यम बन सकते हैं। ठग फोन कर सकते हैं कि आपके नाम पर कोई पार्सल आया है, जबकि आपने ऐसा कोई ऑर्डर नहीं किया। जब ग्राहक पार्सल वापस करने की बात करता है, तो आरोपी कथित कैंसिलेशन या सत्यापन के नाम पर OTP मांग सकते हैं।

renowned cybercrime expert and former IPS officer Prof. Triveni Singh ने ऐसे मामलों में OTP और बैंकिंग विवरण किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी। उनके मुताबिक, साइबर अपराधों में ठग अक्सर भरोसा पैदा करने के बाद पीड़ित से संवेदनशील जानकारी हासिल करते हैं। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, PIN, पासवर्ड या भुगतान संबंधी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

सोशल मीडिया ऑफर भी बन सकते हैं जाल

फर्जी स्वतंत्रता दिवस ऑफर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी दिखाई दे सकते हैं। साइबर ठग नकली पेज बनाकर महंगे मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े या अन्य सामान पर भारी छूट का दावा कर सकते हैं। ग्राहक लिंक के जरिए ऑर्डर और भुगतान कर देता है, लेकिन सामान नहीं पहुंचता। कई मामलों में वेबसाइट बंद हो जाती है या ग्राहक को कोई जवाब नहीं मिलता।

ऐसे ऑफर की वास्तविकता जांचने के लिए कंपनी के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर जाकर समान उत्पाद और कीमत की पुष्टि करनी चाहिए। सोशल मीडिया पेज पर मौजूद फॉलोअर्स या कमेंट्स को ही विश्वसनीयता का प्रमाण नहीं मानना चाहिए।

WhatsApp पर आए लिंक पर तुरंत न करें क्लिक

15 अगस्त सेल के नाम पर WhatsApp पर आने वाले संदेश भी खतरे का कारण बन सकते हैं। इनमें लिखा हो सकता है कि विशेष ऑफर पाने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें। ऐसे संदेशों में दिए लिंक को खोलने के बजाय पहले ऑफर की पुष्टि आधिकारिक वेबसाइट या एप पर करनी चाहिए।

किसी अनजान लिंक से एप डाउनलोड करना भी जोखिम भरा हो सकता है। संदिग्ध एप को मोबाइल में अनुमति देने से निजी जानकारी और डिवाइस की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

भुगतान से पहले करें जांच

स्वतंत्रता दिवस की सेल में खरीदारी करते समय जल्दबाजी से बचना सबसे जरूरी है। वेबसाइट का URL, विक्रेता की जानकारी, रिटर्न और रिफंड नीति तथा भुगतान पेज की जांच करनी चाहिए। किसी अजनबी के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग एप इंस्टॉल करना या रिमोट एक्सेस देना भी खतरनाक हो सकता है।

अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है, तो लेनदेन की जानकारी और अन्य डिजिटल सबूत सुरक्षित रखते हुए तुरंत संबंधित बैंक और साइबर अपराध सहायता व्यवस्था को सूचित करना चाहिए। समय पर शिकायत करने से धन की रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है।

स्वतंत्रता दिवस की सेल का फायदा उठाते समय सबसे जरूरी सावधानी यही है कि बड़ा डिस्काउंट देखकर जल्दबाजी में क्लिक या भुगतान न करें। आधिकारिक स्रोत से पुष्टि, OTP की गोपनीयता और सुरक्षित भुगतान ही ऑनलाइन ठगी से बचाव की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

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