भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM) की भर्ती परीक्षा में कथित तौर पर प्रॉक्सी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाकर नौकरी हासिल करने के आरोप में हरियाणा के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार चयन और नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद पहचान सत्यापन के दौरान कथित धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के जींद जिले निवासी सचिन कुमार (22) के रूप में हुई है। यह कार्रवाई 17 जुलाई को IHM की प्राचार्य द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत के अनुसार, 30 जून को आयोजित लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) भर्ती परीक्षा और कौशल परीक्षा में चयनित अभ्यर्थी की पहचान को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ था।
पुलिस के मुताबिक सचिन कुमार भर्ती प्रक्रिया में शीर्ष स्थान पर रहा था और उसे नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया गया था। हालांकि, संस्थान को सूचना मिली कि लिखित परीक्षा में उसके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति ने परीक्षा दी थी। इसके बाद जॉइनिंग से पहले उसकी पहचान का सत्यापन कराने के लिए पुलिस की सहायता ली गई।
जांच के दौरान पुलिस ने परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज, उपस्थिति रजिस्टर, आवेदन पत्र तथा भर्ती से संबंधित अन्य दस्तावेजों की जांच की। जांच में कथित तौर पर यह सामने आया कि परीक्षा देने वाला व्यक्ति और नौकरी जॉइन करने पहुंचा व्यक्ति अलग-अलग थे।
पूछताछ के दौरान सचिन कुमार ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि अनुज शर्मा उर्फ सिंह ने उसके स्थान पर परीक्षा दी थी। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच यह समझौता हुआ था कि नौकरी मिलने के बाद अनुज शर्मा को ₹7 से ₹8 लाख का भुगतान किया जाएगा।
जांच में सचिन कुमार के चाचा सुमेर सिंह और चचेरे भाई नवनीत सिंह की कथित भूमिका भी सामने आई है। पुलिस पूरे भर्ती घोटाले में उनकी संलिप्तता और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी का मूल प्रवेश पत्र, नियुक्ति पत्र, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, एक आईफोन, परीक्षा से जुड़े दस्तावेज तथा अन्य भर्ती रिकॉर्ड जब्त किए हैं। इसके अलावा उसके हस्तलेखन और हस्ताक्षर के नमूने लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। प्रॉक्सी अभ्यर्थी की पहचान करने के साथ-साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस मामले के पीछे कोई बड़ा परीक्षा धोखाधड़ी नेटवर्क सक्रिय था। जांच में शामिल पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
