ऑपरेशन 'तूफान' के दौरान पुलिस को कॉल सेंटर से संचालित कथित ऑनलाइन लोन ऐप गिरोह का मिला सुराग; विदेशी नागरिकों समेत बड़ी संख्या में लोगों को बनाया गया निशाना, डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी

बिहार पुलिस रेडियो वायरलेस भर्ती परीक्षा में सेंध की साजिश नाकाम, लॉज से 14 प्रश्नपत्र और अभ्यर्थियों के दस्तावेज बरामद

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By Roopa
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गया: बिहार पुलिस रेडियो वायरलेस भर्ती परीक्षा में कथित रूप से सेंध लगाने की एक बड़ी साजिश को गया पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर रामपुर थाना पुलिस ने शहर के गंतो बिगहा स्थित केपी लॉज में छापेमारी कर बड़ी संख्या में संदिग्ध दस्तावेज, प्रश्नपत्रों की प्रतियां और अभ्यर्थियों के निजी रिकॉर्ड बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि बरामद सामग्री परीक्षा में गड़बड़ी की कोशिश की ओर इशारा करती है।

पुलिस के अनुसार, बुधवार को सूचना मिली थी कि केपी लॉज में कुछ लोग बिहार पुलिस रेडियो वायरलेस भर्ती परीक्षा को प्रभावित करने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने लॉज में दबिश दी। कार्रवाई की भनक लगते ही वहां मौजूद संदिग्धों ने कार से भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की सक्रियता के बाद वे डेल्हा-करीमगंज पुल के पास कार छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से कार को जब्त कर लिया और लॉज में तलाशी अभियान चलाया।

छापेमारी के दौरान पुलिस को लॉज और जब्त कार से 14 प्रश्नपत्रों की प्रतियां, सरकारी मुहरें, प्रमाणपत्र और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रश्नपत्र कहां से आए और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।

पुलिस के अनुसार, केपी लॉज से करीब 20 अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र, अंकपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और ब्लैंक चेक बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक डायरी भी मिली है, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होने की आशंका है। जांच अधिकारी अब डायरी और अन्य दस्तावेजों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटे हैं।

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बरामद सामान में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मुहर, बीडीओ के नाम का स्टांप और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों की मुहरें भी शामिल हैं। पुलिस ने अनुग्रह कॉलेज, गया कॉलेज, राजकीय मध्य विद्यालय गोरकटी, एबी यादव कॉलेज बकरौर और अंचल कार्यालय कोंच समेत कई संस्थानों से जुड़ी मुहरें बरामद की हैं। इन दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जा रही है।

जांच के दौरान पुलिस को दो आधार कार्ड भी मिले हैं, जिनमें कथित रूप से गड़बड़ी पाई गई है। दोनों आधार कार्ड में नाम और पता अलग-अलग दर्ज हैं, लेकिन तस्वीर एक ही व्यक्ति की है। पुलिस इसे फर्जी पहचान दस्तावेज तैयार करने की कोशिश के तौर पर देख रही है।

रामपुर थाना पुलिस के अनुसार, जब्त कार कासमी हाईस्कूल के शिक्षक मोहम्मद दिलशाद अहमद के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस का कहना है कि दिलशाद अहमद और आंती थाना क्षेत्र के दौरमा गांव निवासी शिवम राय की भूमिका जांच के दायरे में है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शिवम राय गंतो बिगहा स्थित केपी लॉज में रहकर कथित रूप से इस नेटवर्क को संचालित कर रहा था।

पुलिस अब इस पूरे मामले में परीक्षा माफिया या संगठित गिरोह की संभावित भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जाएगी।

गया के सिटी एसपी अभिनव कुमार ने बताया कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परीक्षा में गड़बड़ी की कोशिश को समय रहते रोक लिया गया। उन्होंने कहा कि बरामद सामग्री से प्रथम दृष्टया परीक्षा को प्रभावित करने की साजिश के संकेत मिले हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि प्रश्नपत्र और दस्तावेजों का इस्तेमाल किस स्तर पर किया जाना था तथा इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा करने का प्रयास कर रही है।

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